Latest news
कुंभ मेला 2027 की तैयारियां तेजः गंगा की स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष फोकस राज्य में घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता, उपभोक्ताओं को चिंता करने की आवश्यकता नहींः आयुक्त खाद्य घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहींः महाराज देवभूमि की धरोहर ‘देवतत्व’ को संवारने के लिए प्रयासरत धामी सरकार विश्व प्लम्बर दिवस पर “प्लम्बर सम्मान समारोह“ का हुआ आयोजन प्रेस टूर पर देहरादून पहुंचे ओडिशा के पत्रकारों के दल ने राज्यपाल से की भेंट प्रदेश के हर ब्लाक में बनेंगे मिनी स्टेडियम मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए प्रदान की 75.36 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति विधानसभा सत्र का तीसरा दिनः सड़क से लेकर सदन तक ‘घमासान’ कुंभ मेला के लिए कुंभ क्षेत्र के पौराणिक स्थलों का किया जाएगा सौंदर्यीकरण

[t4b-ticker]

Thursday, March 12, 2026
Homeउत्तराखण्डराजभवन में वसंतोत्सव व पुष्प प्रदर्शनी 7 मार्च से होगी शुरू

राजभवन में वसंतोत्सव व पुष्प प्रदर्शनी 7 मार्च से होगी शुरू

देहरादून। राजभवन में वसंतोत्सव-2025 का ‘कर्टेन रेजर’ आयोजित किया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने इस वर्ष 07 मार्च से राजभवन में शुरू हो रहे तीन दिवसीय वसंतोत्सव-2025 के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विशेष पोस्टल कवर के लिए ‘‘जटामांसी’’ का चयन किया गया है। 07 मार्च को दोपहर 1.00 बजे से सायं 6.00 बजे तक तथा 08 व 09 मार्च को प्रातः 09.00 बजे से सायं 6.00 बजे तक वसंतोत्सव/पुष्प प्रदर्शनी जनसामान्य के लिए निःशुल्क खुली रहेगी।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड के पुष्पों की एक अलग पहचान है, यहां फूलों के उत्पादन के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं, जो उत्तराखण्ड के लिए एक वरदान साबित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि राजभवन देहरादून में आयोजित होने वाला वसंतोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक, आर्थिक और पर्यावरणीय पहचान का एक प्रमुख उत्सव बन चुका है, जिसका लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है।
राज्यपाल ने कहा कि वसंतोत्सव उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और कुटीर उद्योग को एक बड़ा मंच प्रदान करता है। इस आयोजन में स्थानीय कारीगरों, किसानों, महिला समूहों और युवा उद्यमियों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सके। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां पुष्प उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल हैं। राज्य में दुर्लभ और औषधीय गुणों वाले फूलों की अनेक प्रजातियां पाई जाती हैं, जो वैश्विक बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं। इस आयोजन के माध्यम से उत्तराखण्ड को एक ‘पुष्प प्रदेश’ के रूप में विकसित करने और पुष्प पर्यटन को बढ़ावा देने पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से उत्तराखण्ड को एक प्रमुख ‘ग्रीन टूरिज्म हब’ के रूप में उभरने का अवसर मिलेगा। ‘कर्टेन रेजर’ में सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, अपर सचिव राज्यपाल स्वाति एस. भदौरिया, अपर सचिव मनुज गोयल, निदेशक उद्यान दीप्ति सिंह, संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय, संयुक्त निदेशक उद्यान डॉ. रतन कुमार भी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments