Latest news
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया चकराता में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कार्यक्रम का शुभारंभ आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी-किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पह... मुख्यमंत्री धामी से मिलीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाज, मुख्यमं... जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरी होंः डीएम कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करेंः मुख्यमंत... मुख्यमंत्री ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत 235 करोड़ रु की परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिला... वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारणः महाराज मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली

[t4b-ticker]

Thursday, July 23, 2026
Homeराजनीतिहिंदुत्व की बात करने का क्या मतलब, जब सरकार डरपोक है और...

हिंदुत्व की बात करने का क्या मतलब, जब सरकार डरपोक है और बदला नहीं ले सकती: सुब्रमण्यम स्वामी

देहरादून: कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट की आतंकियों द्वारा की गई हत्या को लेकर भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल करते हुए कहा, हिंदुत्व की बात करने का क्या मतलब है, जब सरकार डरपोक है और बदला नहीं ले सकती? मोदी सिर्फ जम्मू क्यों जा रहे हैं? उन्हें तत्काल श्रीनगर जाना चाहिए। 

कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट की आतंकियों द्वारा की गई हत्या को लेकर सियासत गर्मा गई है। शुक्रवार को भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि भट्ट की हत्या को हल्के में नहीं लिया जाना चााहिए, जैसा कि मोदी सरकार कर रही है। 
स्वामी ने सवाल किया कि हिंदुत्व की बात करने का क्या मतलब है, जब सरकार डरपोक है और बदला नहीं ले सकती? मोदी सिर्फ जम्मू क्यों जा रहे हैं? उन्हें तत्काल श्रीनगर जाना चाहिए। 

बता दें, कश्मीर में आतंकियों ने 15 घंटे के भीतर टारगेट किलिंग की दूसरी घटना को अंजाम दिया है। पुलवामा में शुक्रवार सुबह दहशतगर्दों ने घर में घुसकर पुलिसकर्मी को गोली मारी जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्होंने अपना दम तोड़ दिया। स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि रियाज अहमद ठोकर अपने घर गुदूरा में मौजूद थे। इस बीच कुछ आतंकियों ने उन पर फायरिंग कर दी। आतंकवादियों की तलाश में सुरक्षाबलों ने अभियान शुरू कर दिया है।

इससे पहले बडगाम में गुरुवार शाम को दफ्तर में घुसकर कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल भट्ट की हत्या कर दी थी। राहुल भट्ट नौ सितंबर 2020 को तहसील कार्यालय में क्लर्क के तौर पर नियुक्त हुए थे। वह वर्तमान में शेखपोरा विस्थापित कॉलोनी में परिवार के साथ रह रहे थे। वह मूल रूप से बडगाम जिले के बीरवाह इलाके के संग्रामपोरा के रहने वाले थे।

घटना के बाद सभी विस्थापितों की कॉलोनी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। बडगाम के शेखपोरा के साथ ही अनंतनाग के वेसू तथा उत्तरी कश्मीर में रह रहे कर्मचारियों की कॉलोनी के बाहर सुरक्षा घेरा मजबूत करने के साथ ही गश्त भी बढ़ा दी गई है। संबंधित प्रशासन का कहना है कि विस्थापितों से मिलकर उन्हें आश्वस्त किया गया है कि उनकी सुरक्षा के मुकम्मल प्रबंध किए गए हैं। घबराने की जरूरत नहीं है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments