Latest news
नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री देहरादून की 30 होनहार बेटियों को मिला नई उड़ान का अवसर एसआईआर की शुरुआत, सोमवार से मतदाताओं को बीएलओ घर-घर बांटेंगे गणना फार्म कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान नरेंद्रनगर पालिका चुनाव का प्रचार थमा, मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा सभासद प्रत्याशियों के समर्थन में... अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को तैयारियां तेज स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति, हैंडओवर की स्थिति एवं संचालन-अनुरक्षण कार्यों की डीएम ने की समीक्... उत्तरांचल प्रेस क्लब के स्वास्थ्य शिविर में 142 पत्रकारों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण उत्तराखण्ड में बीएलओ को मिलेगा एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान

[t4b-ticker]

Monday, June 8, 2026
Homeउत्तराखण्डवर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेसः नया रिकॉर्ड बना सकता है उत्तराखंड

वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेसः नया रिकॉर्ड बना सकता है उत्तराखंड

देहरादून। वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो-2024 में उत्तराखंड नया रिकॉर्ड बना सकता है। आयुर्वेद के इस महाकुंभ के लिए हो रहे रजिस्ट्रेशन से ऐसे संकेत उभर रहे हैं। अभी तक साढ़े छह हजार रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। कार्यक्रम 12 दिसंबर से शुरू होना है। पिछले वर्ष गोवा में आयोजित इस आयोजन के नौवें संस्करण में सबसे ज्यादा 5102 डेलीगेट्स पहुंचे थे। जिस हिसाब से रजिस्ट्रेशन हुए हैं, उसके मुताबिक ही डेलीगेट्स की उपस्थिति रहने पर उत्तराखंड के नाम एक उपलब्धि दर्ज होना तय है।
वर्ष 2002 से वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस के आयोजन हो रहे हैं। इस बार मेजबानी का अवसर उत्तराखंड को मिला है। अब तक के इस आयोजन के सफर में डेलीगेट्स की संख्या बढ़ती-घटती रही है। मगर रजिस्ट्रेशन को पैमाना माने, तो उत्तराखंड के लिए अच्छी तस्वीर दिखाई दे रही है। देवभूमि उत्तराखंड आने में डेलीगेट्स की दिलचस्पी नजर आ रही है। आयुष सचिव रविनाथ रामन के अनुसार अभी तक साढ़े छह हजार रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इस महा आयोजन की तैयारी जोरों पर है और इसे अभूतपूर्व बनाने की पूरी कोशिश की जा रही है।
वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो-2024 में देशों की संख्या और प्रतिनिधियों पर भी उत्तराखंड की नजर है। पिछले वर्ष गोवा में आयोजित इस आयोजन में सबसे ज्यादा 53 देशों ने भागीदारी की थी। विदेशी प्रतिनिधियों की संख्या भी पिछले वर्ष ही सबसे ज्यादा रही थी और 295 विदेशी प्रतिनिधि आयोजन का हिस्सा बने थे। इस बार उत्तराखंड 54 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधित्व की उम्मीद कर रहा है। इसी तरह, विदेशी प्रतिनिधियों की संख्या को लेकर भी निगाहें टिकी हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि उत्तराखंड आयुष की धरती है। हमारा सौभाग्य है कि उत्तराखंड में आयुर्वेद का यह विश्व स्तरीय आयोजन हो रहा है। मुझे उम्मीद है कि विषय विशेषज्ञों के विचार मंथन से आयुर्वेद के क्षेत्र में पूरे विश्व को जगाने का काम करेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments