Latest news
नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री देहरादून की 30 होनहार बेटियों को मिला नई उड़ान का अवसर एसआईआर की शुरुआत, सोमवार से मतदाताओं को बीएलओ घर-घर बांटेंगे गणना फार्म कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान नरेंद्रनगर पालिका चुनाव का प्रचार थमा, मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा सभासद प्रत्याशियों के समर्थन में... अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को तैयारियां तेज स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति, हैंडओवर की स्थिति एवं संचालन-अनुरक्षण कार्यों की डीएम ने की समीक्... उत्तरांचल प्रेस क्लब के स्वास्थ्य शिविर में 142 पत्रकारों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण उत्तराखण्ड में बीएलओ को मिलेगा एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान

[t4b-ticker]

Monday, June 8, 2026
Homeउत्तराखण्डअखिल भारतीय नराकास अध्यक्ष सम्मेलन व सह समीक्षा बैठक का आयोजन

अखिल भारतीय नराकास अध्यक्ष सम्मेलन व सह समीक्षा बैठक का आयोजन

देहरादून। पंजाब नैशनल बैंक द्वारा प्रधान कार्यालय में अखिल भारतीय अंतर बैंक सेमिनार एवं बैंक के संयोजन में कार्यरत नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों के अध्यक्षों के सम्मेलन का आयोजन माननीय प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी अशोक चंद्र की अध्यक्षता में किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार से संयुक्त सचिव डॉ मीनाक्षी जॉली की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में बैंक के कार्यपालक निदेशक एम. परमशिवम भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि तथा बैंक के शीर्ष कार्यपालकों के कर-कमलों से बैंक के राजभाषा विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तिका “पीएनबी प्रवाह-कृत्रिम बुद्धिमत्ता आलेख संकलन” का विमोचन भी किया गया।
प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि “हिंदी देश की राजभाषा है और इसके प्रचार-प्रसार एवं कार्यान्वयन हेतु पंजाब नैशनल बैंक दृढ़ संकल्पित है। पंजाब नैशनल बैंक के संयोजन में देश भर में 28 नराकास कार्यरत हैं, जिसका संयोजन कुशलतापूर्वक पंजाब नैशनल बैंक द्वारा किया जा रहा है। देश के अंतिम गाँव और अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवा राजभाषा हिन्दी और क्षेत्रीय भाषा में ही पहुंचाई जा सकती हैं । पंजाब नैशनल बैंक अपने डिजिटल उत्पादों में हिंदी व 13 क्षेत्रीय भाषाओं के प्रयोग से अपना कारोबार बढ़ा रहा है और राजभाषा कार्यान्वयन हेतु सदैव प्रतिबद्ध है।यह स्वतन्त्रता सेनानी स्व. लाला लाजपत रॉय द्वारा स्थापित किया हुआ प्रथम स्वदेशी बैंक हैं द्य अतः देश की भाषा को जन-जन की भाषा बनाने की नैतिक जिम्मेदारी हमारे ऊपर सबसे अधिक हैं। मुख्य अतिथि महोदया ने अपने संबोधन में पंजाब नैशनल बैंक के राजभाषा कार्यान्वयन की प्रशंसा की और कहा कि बैंक राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। पंजाब नैशनल बैंक ने राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में दूसरों के लिए भी आदर्श स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि हम सभी मूल रूप से सरल हिंदी में काम करें और राजभाषा हिंदी का प्रचार-प्रसार करें। उन्होने सभी सदस्यों से कंठस्थ 2.0 अनुवाद टूल का अपने दैनिक कार्यों में उपयोग करने हेतु आह्वाहन किया। कार्यक्रम में बैंक द्वारा आयोजित अखिल भारतीय अंतर बैंक निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं तथा सर्वश्रेष्ठ नराकास अध्यक्षों एवं सदस्य सचिवों को मुख्य अतिथि प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं कार्यपालक निदेशक द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का समापन मनीषा शर्मा, दिल्ली बैंक नराकास की सचिव एवं सहायक महाप्रबंधक के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments