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Friday, April 24, 2026
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चिकित्सालयों के सुदृढ़ीकरण का खाका तैयार करने के निर्देश

देहरादून। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय और उप चिकित्सालय के सुदृढ़ीकरण की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने स्वास्थ्य विभाग को इन सभी चिकित्सालयों को आधुनिक और संपूर्ण चिकित्सा सेवा प्रदाता बनाने के लिए बड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। मंत्री ने निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग अगले 5  माह में इन चिकित्सालयों की स्वास्थ्य सुविधाओं को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने के लिए बड़े प्रयास करें।  कहा कि सरकार स्वास्थ्य विभाग को इसके लिए हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि इन चिकित्सालय में आम जनमानस को सभी बीमारियों की संपूर्ण चिकित्सा स्थानीय स्तर पर ही मिले, किसी भी पेशेंट को यहां से रेफर करने की नौबत नहीं आनी चाहिए। मंत्री ने सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की पूर्ति हेतु आकर्षक सेवा शर्तों का निर्धारण करने को कहा।  अस्पतालों में किसी चिकित्सक के अवकाश की दशा में वैकल्पिक व्यवस्था रखने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने स्वास्थ्य विभाग को टेलीमेडिसिन सेवाओं को एक्चुअल मेडिसिन सेवा में बदलने के लिए गंभीरता से प्रयास करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि टेली मेडिसिन सेवा मात्र औपचारिकता या नाम मात्र की सेवा बनकर न रह जाए बल्कि इसके वास्तव में बेहतर आउटकम भी निकले। मुख्य सचिव ने सभी  मेडिकल कॉलेज और चिकित्सालय में फुली फंक्शनल ओटी तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ओटी ऐसा हो जो आधुनिक चिकित्सा पद्धति के सभी तरह के मानक फुलफिल करता हो। कहा कि हमारा फोकस बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने पर होना चाहिए तथा स्वास्थ्य सेवाओं के इंप्रूवमेंट हेतु जो भी इक्विपमेंट क्रय किए जाते हैं उनका शत प्रतिशत उपयोग भी सुनिश्चित होना चाहिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य के मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय और उप जिला चिकित्सालय में दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं तथा स्वास्थ्य शिक्षा से संबंधित विवरण प्रस्तुत करते हुए अवगत कराया कि वर्तमान समय में सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों, सपोर्टिंग स्टाफ, एडवांस स्किल लैब, और  ट्रामा सेंटर में  और अधिक इंप्रूव की आवश्यकता है। बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, डॉ आर राजेश कुमार, वी षणमुगम, डीजी स्वास्थ्य डॉ सुनीता टम्टा, निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा डॉ आशुतोष सयाना सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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