Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeउत्तराखण्डयूसीसी का एक साल, एआई सहायता के साथ 23 भाषाओं में उपलब्ध...

यूसीसी का एक साल, एआई सहायता के साथ 23 भाषाओं में उपलब्ध यूसीसी सेवाएं

देहरादून। उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की सेवाएं, अंग्रेजी के अलावा भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भाषाओं में उपलब्ध हैं। साथ ही आवेदक एआई की सहायता से भी यूसीसी की प्रक्रिया को समझने के साथ ही अपना पंजीकरण करवा सकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता लागू करने से पहले ही अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि, यूसीसी के तहत विभिन्न सेवाओं के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को बेहद सरल रखा जाए, साथ ही वेबसाइट को यूजर फ्रेंडली रखा जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति स्वयं ही अपना पंजीकरण करवा सके। इसी क्रम में आईटीडीए ने यूसीसी की वेबसाइट को आठवीं अनुसूची में शामिल 22 अनुसूचित भाषाओं कृ असमिया, बंगाली, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु, उर्दू, सिंधी, बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली और मणिपुरी के साथ अंग्रेजी में तैयार किया है। इस तरह आवेदक अपनी भाषा के अनुसार ना सिर्फ यूसीसी के नियम, प्रक्रिया और पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेजों की जानकारी ले सकता है, बल्कि अपनी भाषा में ही आवेदन भी कर सकता है। इस काम में एआई की भी मदद ली जा सकती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि हमारी सरकार पहले ही दिन से सरलीकरण से समाधान तक के मूलमंत्र लेकर चल रही है। समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि जनसामान्य को पंजीकरण में किसी तरह की मुश्किल न आए। यूसीसी तकनीकी उत्कृष्टता का एक सफल उदाहरण बनकर उभरी है। यही कारण है कि बीते एक साल में यूसीसी प्रक्रिया को लेकर एक भी शिकायत नहीं आई है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments