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Wednesday, March 11, 2026
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विकसित ग्राम, विकसित शहर, विकसित जनपद की तर्ज पर कार्य किए जाने की आवश्यकताः सीएस  

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में सचिव समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान सभी जनपदों के जिलाधिकारी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार से कोविड संक्रमण के विषय पर विस्तृत जानकारी ली। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने गवर्निंग काउंसिल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण की मुख्य बातों पर ध्यान आकर्षित किया। मुख्य सचिव ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लिए विकसित ग्राम, विकसित शहर, विकसित जनपद की तर्ज पर कार्य किए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए सभी जनपदों द्वारा अपना प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि अगले 10 वर्षों के लिए भी सभी जनपदों द्वारा अपने लक्ष्य निर्धारित किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य को एक स्थान को चिन्हित कर उसे वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना होगा। इस दिशा में कार्य शीघ्र शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उत्पादित वस्तुओं के निर्यात बढ़ाने के साथ ही, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दिये जाने पर जोर दिया जाए। इसके लिए उद्योग विभाग द्वारा योजना तैयार की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि 21वीं सदी प्रौद्योगिकी संचालित सदी है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी योजनाओं और कार्यों में नई प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग करते हुए, आम जनमानस तक सरकारी योजनाओं और कार्यों का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचाना है। उन्होंने ईवी सेक्टर के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए प्रदेश के भीतर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की दिशा में कार्य किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नई-नई तकनीकों के प्रशिक्षण को अपनी शिक्षा और कौशल विकास से जोड़े जाने की जरूरत है।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में वैदिक गणित को भी बढ़ावा दिया जाए। इसके लिए उच्च शिक्षा, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा द्वारा मिलकर वैदिक गणित के क्षेत्र में कार्य किया जाए। उन्होंने पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने संस्कृति विभाग को निर्देश दिए कि पांडुलिपियों को डिजिटल एवं फिजिकल दोनों प्रकार से संरक्षित किया जाए। उन्होंने गृह एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से प्रदेश में स्टेट कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम भी तैयार किए जाने की बात कही। कहा कि प्रदेश में इस के लिए एक मजबूत ईको सिस्टम तैयार किया जाए।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जनपद अपने दीर्घकालिक एवं लैगेसी मुद्दों को चिन्हित कर सम्बन्धित विभागों को भेजें। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को उच्च स्तर पर निस्तारित करने का प्रयास किया जाएगा। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने 5 जून को पर्यावरण दिवस को बड़े स्तर पर मनाए जाने की बात कही। उन्होंने इसके लिए प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधांशु को इसकी जिम्मेदारी देते हुए प्रधानमंत्री के आह्वान ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ का वृहद् स्तर पर आयोजन किए जाने की बात कही। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनई, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगोली, नितेश कुमार झा, राधिका झा, दिलीप जावलकर, रविनाथ रमन, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, चंद्रेश कुमार यादव, दीपक रावत, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, डॉ. नीरज खैरवाल, विनय शंकर पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, विनोद कुमार सुमन, रणवीर सिंह चौहान एवं युगल किशोर पंत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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