Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeउत्तराखण्डसंयुक्त आशय घोषणा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में भारत-जर्मनी सहयोग को सुदृढ़...

संयुक्त आशय घोषणा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में भारत-जर्मनी सहयोग को सुदृढ़ करेगा

रुड़की/देहरादून। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने उत्तराखंड राज्य और जर्मनी के ब्रांडेनबुर्ग राज्य सरकार के बीच संयुक्त आशय घोषणा पर हस्ताक्षर के अवसर पर एक प्रमुख पहलकर्ता, सुगमकर्ता तथा शैक्षणिक भूमिका निभाई। यह घोषणा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में संरचित राज्य-स्तरीय सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह संयुक्त आशय घोषणा अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग, नवाचार और कौशल विकास को सुदृढ़ करने की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है तथा उच्च शिक्षा और अनुसंधान में वैश्विक सहभागिता के प्रति उत्तराखंड सरकार के सक्रिय दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करती है। यह आईआईटी रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम द्वारा समन्वित संयुक्त अनुसंधान, नवाचार, नीति संवाद और शैक्षणिक सहभागिता के माध्यम से दीर्घकालिक क्षेत्रीय सहयोग के लिए एक रूपरेखा प्रस्तुत करती है। जेडीआई के अंतर्गत बहुआयामी सहयोग की परिकल्पना की गई है, जिसमें एक संयुक्त सूचना एवं कौशल केंद्र की स्थापना, भारत-जर्मनी स्टार्ट-अप्स पर केंद्रित एक उद्योग संपर्क कार्यालय का सृजन, संयुक्त डिग्री पहलों सहित राज्य-स्तरीय संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रमों का विकास, चिन्हित प्राथमिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, तथा दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक और पारंपरिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना शामिल है। यह सहयोग आपसी महत्व के प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, जिनमें आपदा लचीलापन और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियां; कृषि, जलवायु और पर्यावरण निगरानी के लिए ड्रोन एवं डिजिटल प्रौद्योगिकियां; स्वच्छ ऊर्जा और हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था; नवीन सामग्री और उन्नत विनिर्माण; तथा ई-गवर्नेंस, स्वास्थ्य सेवा और साइबर सुरक्षा में डेटा विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग शामिल हैं। दोनों सरकारों, आईआईटी रुड़की, यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम और अन्य संबंधित हितधारकों के प्रतिनिधियों से युक्त एक संयुक्त कार्य बल का गठन किया जाएगा, जो प्राथमिक पहलों की पहचान करेगा, सहयोग के लिए एक रोडमैप विकसित करेगा तथा व्यापक सहयोग हेतु एक औपचारिक समझौता ज्ञापन का प्रस्ताव करेगा।
उत्तराखंड के तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा “उत्तराखंड और ब्रांडेनबुर्ग के बीच संयुक्त आशय घोषणा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्प्ज् रुड़की और जर्मनी के साझेदार विश्वविद्यालयों जैसे संस्थानों के साथ निकटता से कार्य करते हुए, हम संयुक्त अनुसंधान, कौशल विकास, स्टार्ट-अप सहभागिता और शैक्षणिक आदान-प्रदान के लिए सार्थक अवसर प्रदान करने का लक्ष्य रखते हैं, जिससे भविष्य-तैयार मानव संसाधन और सतत क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।”

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments