Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeउत्तराखण्डसूबे के राजकीय महाविद्यालयों में हाईटेक होंगी प्रयोगशालाएं

सूबे के राजकीय महाविद्यालयों में हाईटेक होंगी प्रयोगशालाएं

देहरादून। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित एमबी पीजी कॉलेज हल्द्वानी एवं कोटद्वार महाविद्यालय में स्थापित विज्ञान प्रयोगशालाओं को हाईटेक बनाया जायेगा। दोनों महाविद्यालयों की प्रयोगशालाओं के उच्चीकरण को 4 करोड की धनराशि जारी कर दी गई है। इन दोनों महाविद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशालाओं को आईआईटी कानपुर के सहयोग से उच्चीकृत किया जायेगा, ताकि वहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को आधुनिक उपकरणों के जरिये प्रयोगात्मक एवं शोधात्मक प्रशिक्षण मिल सके।
सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा में शैक्षिक गुणवत्ता, नवाचार, प्रयोगात्मक व शोधात्मक गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दे रही है। इसी क्रम में प्रदेशभर के राजकीय महाविद्यालयों में स्थापित प्रयोगशालाओं को उच्चीकृत कर हाईटेक बनाया जायेगा, ताकि अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को वैश्विक स्तर के मानदण्डों के अनुरूप प्रयोगात्मक कार्यों का प्रशिक्षण मिल सके। डॉ. रावत ने बताया कि प्रथम चरण में एम.बी. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी तथा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में स्थापित विज्ञान प्रयोगशाला के उच्चीकरण को 2-2 करोड़ की धनराशि जारी कर दी है, शीघ्र ही आईआईटी कानपुर की सहायता से दोनों महाविद्यालयों की विज्ञान प्रयोगशाला को उच्चीकृत किया जायेगा, इसके लिये विभागीय अधिकारियों को प्रयोगशालाओं के समय पर उच्चीकरण करने निर्देश दे दिये गये हैं। डॉ. रावत ने बताया कि आईआईटी कानपुर, आई.आई.एस.सी बैंगलुरू, आइसर मोहाली जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के सहायता से राजकीय महाविद्यालयों में बेसिक साइंस लैब, टिंगरिंग लैब, अप्लीकेशन लैब आदि आधारभूत संरचनाएं विकसित किये जायेंगे। इसके साथ ही छात्रों को हैण्ड्स ऑन ट्रेनिंग और लैब वर्क के माध्यम से प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। डॉ. रावत ने बताया कि महाविद्यालयों में आधारभूत संरचनाओं के विकास के साथ-साथ शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि महाविद्यालयों में समग्र रूप से एक इकोसिस्टम बनाया जा सके और राज्य को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक मॉडल स्टेट के रूप में स्थापित किया जा सके।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments