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Tuesday, August 18, 2026
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यूजीसी के प्रस्तावित काले कानून को वापस लेने की मांग को लेकर ब्राह्मण समाज महासंघ ने दिया ज्ञापन

देहरादून। एक पक्षीय यूजीसी के प्रस्तावित काले कानून/ड्राफ्ट रेगुलेशन के सामाजिक असंतुलन संबंधी गृहमंत्री भारत सरकार अमित शाह को संबोधित एक ज्ञापन उत्तराखंड ब्राह्मण समाज महासंघ द्वारा नायब तहसीलदार सदर सुरेश सेमवाल को सौंपा। जिला शासन के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार सदर श्री सेमवाल ने ब्राह्मण प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे उनका ज्ञापन गृहमंत्री अमित शाह को प्रेषित कर देंगे।
इस अवसर पर महासंघ के अध्यक्ष पंडित रामप्रसाद गौतम ने कहा कि विश्व विद्यालय अनुदान आयोग द्वारा प्रस्तावित ड्राफ्ट रेगुलेशन, नए नियम देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में गहरी असमानता व भेदभाव उत्पन्न करने वाले हैं। यह प्रस्ताव अपने वर्तमान स्वरूप में एक पक्षीय प्रतीत होता है। देश के सामाजिक ताने बाने को बचाए रखने के लिए देश हित में उक्त काला कानून वापिस लिया जाना आवश्यक हैं। महासंघ के महासचिव डॉ.वी.डी.शर्मा ने कहा कि भारत का संविधान समानता, प्रतिनिधित्व व सामाजिक न्याय की भावना पर आधारित है, ऐसे में किसी भी निर्णय समिति का संतुलित बहुवर्गीय और समावेशी होना जरूरी है। इस काले कानून में एक ही जाति व वर्ग द्वारा लिए गये निर्णय सवर्ण छात्रों के संविधान सम्मत अधिकारों व विश्वास को प्रभावित करते हैं। इस अवसर पर पंडित सिद्ध नाथ उपाध्याय, पंडित रामप्रसाद उपाध्याय, पंडित अरुण कुमार शर्मा, पंडित सोमदत्त शर्मा, पंडित थानेश्वर उपाध्याय, पंडित विजेंद्र ममगई आदि मुख्य रुप से उपस्थित थे।

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