Latest news
डीएम ने अरविंद गैस एजेंसी रेसकोर्स से 13890 गैस कनेक्शन जीवन ज्योति एजेंसी कैनाल रोड में करवाए शिफ्ट शिक्षा विभाग में पदोन्नत हुये चार अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी रिश्वत प्रकरण में डोईवाला के प्रभारी बीईओ निलंबित मुख्य सचिव ने 25 बिंदु कार्यक्रम के वर्ष 2026-27 के लिए शीघ्र लक्ष्य निर्धारित किए जाने के निर्देश द... हेमवती नंदन बहुगुणा सदैव किसानों और गरीबों के हितों के लिए समर्पित रहेः सीएम राम नगरी में बनेगा धामी सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट राज्य अतिथि गृह मुख्यमंत्री धामी बोले, हिमालयी राज्य आपसी सहयोग और अनुभवों से करें नीति निर्माण उत्तराखंड में डिजिटल जनगणना के प्रथम चरण का फील्ड कार्य 25 अप्रैल से सीएम धामी ने महिला जन आक्रोश रैली में प्रतिभाग किया महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट

[t4b-ticker]

Saturday, April 25, 2026
Homeउत्तराखण्डयूजीसी के प्रस्तावित काले कानून को वापस लेने की मांग को लेकर...

यूजीसी के प्रस्तावित काले कानून को वापस लेने की मांग को लेकर ब्राह्मण समाज महासंघ ने दिया ज्ञापन

देहरादून। एक पक्षीय यूजीसी के प्रस्तावित काले कानून/ड्राफ्ट रेगुलेशन के सामाजिक असंतुलन संबंधी गृहमंत्री भारत सरकार अमित शाह को संबोधित एक ज्ञापन उत्तराखंड ब्राह्मण समाज महासंघ द्वारा नायब तहसीलदार सदर सुरेश सेमवाल को सौंपा। जिला शासन के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार सदर श्री सेमवाल ने ब्राह्मण प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे उनका ज्ञापन गृहमंत्री अमित शाह को प्रेषित कर देंगे।
इस अवसर पर महासंघ के अध्यक्ष पंडित रामप्रसाद गौतम ने कहा कि विश्व विद्यालय अनुदान आयोग द्वारा प्रस्तावित ड्राफ्ट रेगुलेशन, नए नियम देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में गहरी असमानता व भेदभाव उत्पन्न करने वाले हैं। यह प्रस्ताव अपने वर्तमान स्वरूप में एक पक्षीय प्रतीत होता है। देश के सामाजिक ताने बाने को बचाए रखने के लिए देश हित में उक्त काला कानून वापिस लिया जाना आवश्यक हैं। महासंघ के महासचिव डॉ.वी.डी.शर्मा ने कहा कि भारत का संविधान समानता, प्रतिनिधित्व व सामाजिक न्याय की भावना पर आधारित है, ऐसे में किसी भी निर्णय समिति का संतुलित बहुवर्गीय और समावेशी होना जरूरी है। इस काले कानून में एक ही जाति व वर्ग द्वारा लिए गये निर्णय सवर्ण छात्रों के संविधान सम्मत अधिकारों व विश्वास को प्रभावित करते हैं। इस अवसर पर पंडित सिद्ध नाथ उपाध्याय, पंडित रामप्रसाद उपाध्याय, पंडित अरुण कुमार शर्मा, पंडित सोमदत्त शर्मा, पंडित थानेश्वर उपाध्याय, पंडित विजेंद्र ममगई आदि मुख्य रुप से उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments