Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeउत्तराखण्डसतपाल महाराज ने बनबसा में 500 करोड़ की आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना...

सतपाल महाराज ने बनबसा में 500 करोड़ की आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना का निरीक्षण किया

चम्पावत। प्रदेश के लोक निर्माण विभाग, पर्यटन, संस्कृति, सिंचाई, लघु सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने चंपावत जनपद के अन्तर्गत बनबसा स्थित गुदमी क्षेत्र में प्रस्तावित लगभग ₹500 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाली आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। यह महत्वाकांक्षी परियोजना भारतीय भू-सीमा पत्तन प्राधिकरण द्वारा विकसित की जा रही है।
निरीक्षण उपरांत एनएचपीसी लिमिटेड बनबसा गेस्ट हाउस सभागार में प्रदेश के लोक निर्माण विभाग, पर्यटन, संस्कृति, सिंचाई, लघु सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें परियोजना की प्रगति, तकनीकी व्यवस्थाओं, सुरक्षा प्रबंधन एवं विभागीय समन्वय तंत्र पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह परियोजना अप्रैल 2027 तक हर हाल में पूर्ण कर ली जाए, ताकि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों एवं यात्री सुविधाओं का लाभ शीघ्र प्रारंभ हो सके। उन्होंने कहा कि लैंड पोर्ट को अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली, डिजिटल निगरानी तंत्र एवं स्मार्ट प्रबंधन व्यवस्था से सुसज्जित किया जाए।
कैबिनेट मंत्री महाराज ने तराई क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु ठोस एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया। उन्होंने आगंतुकों की सुविधा के लिए सभी संकेतक पट्ट तीन भाषाओं में स्थापित करने, परियोजना परिसर में वर्षा जल संचयन प्रणाली को अनिवार्य रूप से सम्मिलित करने तथा संबंधित विभागों के मध्य सुदृढ़ समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पर्यावरणीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने पर भी विशेष जोर दिया।
श्री महाराज ने कहा कि यह आधुनिक लैंड पोर्ट भारत और नेपाल के मध्य व्यापार एवं यात्री आवागमन के लिए एक समेकित, सुरक्षित और सुविधाजनक प्रणाली विकसित करेगा। यहाँ सीमा शुल्क, सुरक्षा, व्यापार एवं सीमा प्रबंधन से संबंधित सभी प्रमुख एजेंसियाँ एक ही परिसर में कार्य करेंगी, जिससे प्रक्रियाओं में पारदर्शिता एवं तीव्रता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल अवसंरचना विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमांत क्षेत्रों के आर्थिक परिदृश्य में व्यापक परिवर्तन का माध्यम बनेगी। रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनबसा लैंड पोर्ट सीमा पार व्यापार को सशक्त बनाएगा, कृषि एवं औद्योगिक उत्पादों के लिए सुव्यवस्थित औपचारिक प्रवेश द्वार प्रदान करेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करेगा। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ० जी० एस० खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, भारतीय भू-सीमा पत्तन प्राधिकरण, वन विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्मिक भी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments