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Friday, April 24, 2026
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दून ऑटो रिक्शा यूनियन का ई-रिक्शा और फिटनेस सेंटरों के खिलाफ कड़ा विरोध

देहरादून। दून ऑटो रिक्शा यूनियन ने बुधवार को प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पारंपरिक ऑटो रिक्शा चालकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। यूनियन ने इलेक्ट्रिक, बैटरी और सोलर रिक्शा के साथ-साथ फिटनेस सेंटरों की मनमानी पर गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो यूनियन ने 20 जनवरी को देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार के चालकों को एकत्रित कर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने की घोषणा की है।
यूनियन अध्यक्ष पंकज अरोड़ा और महामंत्री शशिकांत भट्ट ने संयुक्त रूप से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि ई-रिक्शा चालकों द्वारा मुख्य मार्गों पर संचालन से पारंपरिक ऑटो चालकों का रोजगार छिन रहा है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि रोजगार बचाने के बावजूद ई-रिक्शा को खुली छूट दी जा रही है, जबकि कई ई-रिक्शा बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं।
यूनियन ने मांग की कि दो पहिया वाहन निजी नंबर को फ्लेक्स पर ऑनलाइन फिडले काफी समय से चल रहे हैं, जिनका वाणिज्यिक वाहन के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसकी वजह से सीएनजी व पेट्रोल ऑटो रिक्शा चालकों के काम पर अत्यधिक प्रभाव पड़ रहा है और गंभीर चिंता का विषय है। इसलिए इन्हें तत्काल बंद किया जाए। इलेक्ट्रिक ऑटो व रिक्शाओं का रजिस्ट्रेशन तत्काल कम से कम 10 वर्ष के लिए बंद किया जाए। इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा चालक एवं ई-रिक्शा चालक यदि कभी भी अपनी निजी गाड़ी को कमर्शियल वाहन के तौर पर प्रयोग उत्तराखण्ड प्रदेश का होना चाहिए, अर्थात कम विक्रय करने वाला ऑटो चालक उत्तराखण्ड का निवासी होना चाहिए। ऑटो रिक्शा 3 फ्लस 1 के परमिट परिधि की दूरी 25 किलोमीटर से बढ़ाकर 40 किलोमीटर की जाए या ऑटो चालकों को सवारी लेकर ऐयरपोर्ट जॉलीग्रांट तक आने-जाने की अनुमति दी जाए। ई-रिक्शा जो वर्तमान में मुख्य मार्गों पर चलाये जा रहे हैं, उन्हें शासन द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन के नियमानुसार मोहल्लों की गलियों में संचालित किया जाना चाहिए। इस विषय पर कई बार प्रशासन के साथ पत्र लिखने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। फिटनेस सेंटर को जनपद देहरादून के केंद्र में लाया जाए या उसको मैन्युअल किया जाए।
यूनियन नेताओं ने आगे कहा कि यदि 19 जनवरी तक मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 20 जनवरी को रेसकोर्स देहरादून से सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया जाएगा। उन्होंने यातायात उपाधीक्षक (ट्रैफिक) अध्यक्ष देवभूमि ऑटो रिक्शा यूनियन ऋषिकेश एवं राजेन्द्र सिंह यादव अध्यक्ष ऑटो रिक्शा एसोसिएशन हरिद्वार ने भी इस रैली में सहयोग करने की घोषणा की है। यूनियन ने सरकार से अपील की है कि पारंपरिक ऑटो चालकों की आजीविका को बचाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रेस वार्ता में संघर्ष कुमार कांगड़ा, गुलशोखन एवं यूनियन कार्य समिति के सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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