Latest news
पीएम आवास योजना के कार्यों में देरी पर सचिव आवास सख्त, धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर बड़ा प्रहार, विधौली और रानीपोखरी में पांच निर्माण सील देहरादून महायोजना-2041ः सातवें दिन जीआरडी यूनिवर्सिटी में उमड़ी जनभागीदारी अस्पताल में भर्ती होने पर भी पीआरडी जवानों को मिलेगा मानदेयः रेखा आर्या लोक संवर्धन पर्व के चैथे दिन पांडवास बैंड की मनमोहक लोक-फ्यूजन प्रस्तुति ने दर्शकों को किया मंत्रमुग... देहरादून में 465 दलित युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार और कौशल विकास का तोहफा हर वर्ग को लेकर आगे चलना है राहुल गांधी की सोचः डॉ. अनिल जय हिन्द मुख्य सचिव ने स्रोत पर कचरे का पृथक्कीरण कार्य शतप्रतिशत सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हरेला पर्व पर मालाग्राम पहुंचे मुख्यमंत्री, सघन पौधरोपण कर दिया हरित संरक्षण का संदेश मुख्य सचिव ने ली पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक

[t4b-ticker]

Tuesday, July 14, 2026
Homeउत्तराखण्डमुख्य सचिव ने स्रोत पर कचरे का पृथक्कीरण कार्य शतप्रतिशत सुनिश्चित किए...

मुख्य सचिव ने स्रोत पर कचरे का पृथक्कीरण कार्य शतप्रतिशत सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में शहरी विकास विभाग से सम्बन्धित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड के सभी शहरी स्थानीय निकायों को साफ-सुथरा वातावरण, सुरक्षित पेयजल, जलवायु-अनुकूल और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर शहर बनाये जाने की दिशा में विभाग को निरंतर कार्य किए जाने पर जोर दिया।
मुख्य सचिव ने प्रदेश के अंतर्गत सभी यूएलबी में वैज्ञानिक कचरा प्रसंस्करण और स्रोत पर कचरे का पृथक्करण कार्य 100 प्रतिशत सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुराने डंप साइट्स का सुधारीकरण कार्य को भी तेजी प्रदान करते हुए शीघ्र से शीघ्र कार्य पूर्ण कराए जाने की बात कही।
मुख्य सचिव ने कहा कि विभाग के विजन के अनुरूप सभी शहरी निकायों को आत्म निर्भर बनाना है। इसके लिए शहरी निकायों को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इनसे सम्बन्धित अधिकारियों और सम्बन्धित अनुभाग अधिकारियों, विभागीय अधिकारियों को अच्छे से प्रबंधन किए गए देश-विदेश के शहरों का एक्सपोजर ट्रिप कराए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कहा कि इससे अपने शहरों को अच्छे से मैनेज करने में सहायता मिलेगी।
मुख्य सचिव ने पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए स्रोत के साथ ही पेयजल लाइन के अंतिम छोर पर भी वाटर क्वालिटी सेंसर लगाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास को डिजिटल गवर्नेंस पर तेजी से काम करने की आवश्यकता है। कहा कि सभी शहरी निकायों को शीघ्र से शीघ्र ऑनबोर्ड किया जाए। इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा एवं अपर सचिव अभिषेक रुहेला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments