Latest news
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया चकराता में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कार्यक्रम का शुभारंभ आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी-किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पह... मुख्यमंत्री धामी से मिलीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाज, मुख्यमं... जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरी होंः डीएम कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करेंः मुख्यमंत... मुख्यमंत्री ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत 235 करोड़ रु की परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिला... वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारणः महाराज मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली

[t4b-ticker]

Thursday, July 23, 2026
Homeराष्ट्रीयभारतीय किसान मोर्चा के 57 संगठनों ने की भाजपा को सजा देने...

भारतीय किसान मोर्चा के 57 संगठनों ने की भाजपा को सजा देने की अपील

देहरादून: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बीच भारतीय किसान मोर्चा के तहत 57 संगठनों ने भाजपा को सजा देने पर सहमति जताई है। भाकियू ने इसके लिए प्रदेश के वोटरों के नाम पत्र जारी करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि संकिमो का एसएसएम के साथ कोई रिश्ता नहीं हैI ट्रेड यूनियन के साथ उनका रिश्ता जारी रहेगा।

भारतीय किसान मोर्चा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उसमें कहा है कि वह इस चुनाव में भाजपा को सजा देने के लिए कार्य करेंगे। जिसके तहत वह आम लोगों तक पत्र व पर्चों के माध्यम से मोर्चा की बात पहुंचाएंगे।

मोर्चा के बड़े नेता राकेश टिकैत ने विज्ञप्ति के माध्यम से बयान जारी किया है कि, प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश में 14 दिन में गन्ना भुगतान की बात की थी, परंतु यह भुगतान 13 महीने के बाद मिलता है।

तो वहीं योगेंद्र यादव ने सरकार पर किसानों से बदला लेने का आरोप लगाते हुए कहा है कि, बजट में किसानों से बदला लिया गया है किसानों के साथ न्यूनतम इमानदारी भी सरकार ने नहीं दिखाई, किसानों को सरकार से दोगुनी आए कृषि में बजट को बढ़ाना न्यूनतम समर्थन मूल्य का दायरा बढ़ाने की उम्मीद थी, लेकिन सभी योजनाओं में कमी की गई है। उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार को आंदोलनकारियों से दिक्कत है तो उन्हें जेल भेज दो लेकिन किसानों से बदला ना लो। इसके अलावा योगेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा वाले मामले में सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा तो सुरक्षा है, लेकिन 26 जनवरी को एक महिला के साथ जो घटना घटी है उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर पंजाब में कोई खतरा नहीं था, उनके पास भाजपा के ही लोग पहुंचे थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments