Latest news
युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्तिः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण नदियों में कूड़ा डालने वालों पर होगी एफआईआर की कार्रवाई स्वास्थ्य महानिदेशक ने समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश गो हत्यारों और नशा तस्करों के घरों पर चला बुलडोजर लोक भवन में राज्यपाल ने शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से किया सम्मानित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभ... राज्यपाल ने शिक्षक दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

[t4b-ticker]

Sunday, September 6, 2026
Homeउत्तराखण्डहिमस्खलन हादसा: घटना स्थल तक पहुंची रेस्क्यू टीम,19 पर्वतारोहियों के शव निकाले

हिमस्खलन हादसा: घटना स्थल तक पहुंची रेस्क्यू टीम,19 पर्वतारोहियों के शव निकाले

देहरादून: हिमस्खलन हादसे के तीसरे दिन रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंच गईं हैं। टीमों ने मौके से 19 पर्वतारोहियों के शव बरामद कर लिए हैं। वहां से अब तक कुल 19 पर्वतारोहियों के शव निकाले गए हैं।

नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनेरिंग के रजिस्ट्रार विशाल रंजन ने बताया कि गुरुवार सुबह वायुसेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और हाईएल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल, गुलमर्ग, कश्मीर की टीमें हिमस्खलन वाले स्थान तक पहुंचने में कामयाब हो गईं। टीमों ने मौके से 19 पर्वतारोहियों के शव बरामद कर लिए। जबकि 10 लापता पर्वतारोहियों की तलाश की जा रही है।

उन्होंने बताया कि अब तक मिले 19 शवों में से दो निम के प्रशिक्षक और 17 प्रशिक्षुओं के हैं। डीएम अभिषेक रुहेला ने इसकी पुष्टि की है। सभी पर्वतारोहियों के शव डोकरानी बामक एडवांस बेस कैंप में लाए गए हैं। हवाई रेस्क्यू शुरू होने पर इन्हें उत्तरकाशी लाया जाएगा।

डीएम अभिषेक रुहेला ने बताया कि गुरुवार दोपहर बाद द्रौपदी डांडा क्षेत्र में हल्की बर्फबारी शुरू हो जाने से हेलीकॉप्टरों से किया जा रहा रेस्क्यू रोक दिया गया था।

एसपी अर्पण यदुवंशी ने बताया कि शुक्रवार को मौसम ठीक रहने पर ही फिर से हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू की उम्मीद है। हालांकि घटनास्थल पर रेस्क्यू टीमें लापता पर्वतारोहियों की तलाश में जुटी हुई हैं।

नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनेरिंग के प्राचार्य रहे रिटायर कर्नल अजय कोठियाल का कहना है कि हिमस्खलन की चपेट में आए पर्वतारोहियों को सुरक्षित बचाने के प्रयास कठिन होते जा रहे हैं।

कोठियाल ने कहा कि अब तक बचाव दल को एक भी घायल नहीं मिला है। इसका मतलब यह है कि या तो वो गंभीर रूप से घायल होकर एक ही स्थान पर बेबस पड़े हैं या फिर क्रेवास में फंसे हुए हैं। ऐसी स्थिति में बर्फबारी उन्हें और ढक सकती है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments