Latest news
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया चकराता में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कार्यक्रम का शुभारंभ आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी-किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पह... मुख्यमंत्री धामी से मिलीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाज, मुख्यमं... जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरी होंः डीएम कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करेंः मुख्यमंत... मुख्यमंत्री ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत 235 करोड़ रु की परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिला... वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारणः महाराज मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली

[t4b-ticker]

Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तराखण्डहिमस्खलन हादसा: घटना स्थल तक पहुंची रेस्क्यू टीम,19 पर्वतारोहियों के शव निकाले

हिमस्खलन हादसा: घटना स्थल तक पहुंची रेस्क्यू टीम,19 पर्वतारोहियों के शव निकाले

देहरादून: हिमस्खलन हादसे के तीसरे दिन रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंच गईं हैं। टीमों ने मौके से 19 पर्वतारोहियों के शव बरामद कर लिए हैं। वहां से अब तक कुल 19 पर्वतारोहियों के शव निकाले गए हैं।

नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनेरिंग के रजिस्ट्रार विशाल रंजन ने बताया कि गुरुवार सुबह वायुसेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और हाईएल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल, गुलमर्ग, कश्मीर की टीमें हिमस्खलन वाले स्थान तक पहुंचने में कामयाब हो गईं। टीमों ने मौके से 19 पर्वतारोहियों के शव बरामद कर लिए। जबकि 10 लापता पर्वतारोहियों की तलाश की जा रही है।

उन्होंने बताया कि अब तक मिले 19 शवों में से दो निम के प्रशिक्षक और 17 प्रशिक्षुओं के हैं। डीएम अभिषेक रुहेला ने इसकी पुष्टि की है। सभी पर्वतारोहियों के शव डोकरानी बामक एडवांस बेस कैंप में लाए गए हैं। हवाई रेस्क्यू शुरू होने पर इन्हें उत्तरकाशी लाया जाएगा।

डीएम अभिषेक रुहेला ने बताया कि गुरुवार दोपहर बाद द्रौपदी डांडा क्षेत्र में हल्की बर्फबारी शुरू हो जाने से हेलीकॉप्टरों से किया जा रहा रेस्क्यू रोक दिया गया था।

एसपी अर्पण यदुवंशी ने बताया कि शुक्रवार को मौसम ठीक रहने पर ही फिर से हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू की उम्मीद है। हालांकि घटनास्थल पर रेस्क्यू टीमें लापता पर्वतारोहियों की तलाश में जुटी हुई हैं।

नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनेरिंग के प्राचार्य रहे रिटायर कर्नल अजय कोठियाल का कहना है कि हिमस्खलन की चपेट में आए पर्वतारोहियों को सुरक्षित बचाने के प्रयास कठिन होते जा रहे हैं।

कोठियाल ने कहा कि अब तक बचाव दल को एक भी घायल नहीं मिला है। इसका मतलब यह है कि या तो वो गंभीर रूप से घायल होकर एक ही स्थान पर बेबस पड़े हैं या फिर क्रेवास में फंसे हुए हैं। ऐसी स्थिति में बर्फबारी उन्हें और ढक सकती है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments