Latest news
नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री देहरादून की 30 होनहार बेटियों को मिला नई उड़ान का अवसर एसआईआर की शुरुआत, सोमवार से मतदाताओं को बीएलओ घर-घर बांटेंगे गणना फार्म कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान नरेंद्रनगर पालिका चुनाव का प्रचार थमा, मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा सभासद प्रत्याशियों के समर्थन में... अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को तैयारियां तेज स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति, हैंडओवर की स्थिति एवं संचालन-अनुरक्षण कार्यों की डीएम ने की समीक्... उत्तरांचल प्रेस क्लब के स्वास्थ्य शिविर में 142 पत्रकारों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण उत्तराखण्ड में बीएलओ को मिलेगा एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान

[t4b-ticker]

Monday, June 8, 2026
Homeउत्तराखण्डअति पलायन प्रभावित गांवों का औषधीय एवं सगंध पौधों की खेती के...

अति पलायन प्रभावित गांवों का औषधीय एवं सगंध पौधों की खेती के लिए किया गया चयन

रूद्रप्रयाग। जनपद में अतिपलायन प्रभावित गांवों में मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना का सफल क्रियान्वयन के लिए जनपद में विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित योजनाओं का प्रभावित लोगों को लाभ पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। अतिपलायन प्रभावित गांवों में पलायन रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत किसानों की आय में वृद्धि हेतु किसानों को सुगंधित और औषधीय पौधों की खेती के लिए उच्च गुणवत्ता वाली रोग और कीट मुक्त पौध सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
इस आशय की जानकारी देते हुए मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र सिंह बिष्ट ने अवगत कराया है कि जिलाधिकारी के निर्देशन में मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु जनपद के अंतर्गत विकास खंड अगस्त्यमुनि के निषणी, नवासू व बंगोली गांव अतिपलायन प्रभावित गांव की श्रेणी में चयनित हैं जहां औषधीय एवं सगंध पौधों की खेती के लिए चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत उक्त चयनित गांवों के प्रस्तावित क्षेत्र का भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही गोष्ठी के माध्यम से किसानों को फसल की जानकारी व इसके लाभ से अवगत कराया गया। इसके बाद उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए इच्छुक कृषकों की सूची तैयार कर उन्हें खेती की तकनीकों के बारे में ऑफ फार्म व ऑन फॉर्म किसान प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद खेत तैयार करते हुए पौध रोपण व रोपण से फसल कटाई तक की देखभाल तथा उनके द्वारा उगाए गए उत्पादों का विभिन्न संस्थाओं द्वारा क्रय करवाया जाएगा।
       उन्होंने बताया कि सगंध एवं औषधीय पादपों की खेती हेतु अनुकूल स्थान, जलवायु आदि की जानकारी लेने व किसानों को जानकारी देने हेतु उनके नेतृत्व में कृषि विभाग एवं संबंधित विशेषज्ञों ने क्षेत्र भ्रमण करते हुए किसानों से वार्ता की। भ्रमण के दौरान सगंध एवं औषधीय पादपों की विशेषता को देखते हुए किसानों द्वारा अपनी बंजर भूमि को तैयार किया गया जो वर्षाे से बंजर पड़ी थी। मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के अंतर्गत किसानों को निःशुल्क पौध उपलब्ध कराई गई हैं जिसका कृषकों द्वारा अपने तैयार खेतों में रोपण किया गया।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments