Latest news
नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री देहरादून की 30 होनहार बेटियों को मिला नई उड़ान का अवसर एसआईआर की शुरुआत, सोमवार से मतदाताओं को बीएलओ घर-घर बांटेंगे गणना फार्म कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान नरेंद्रनगर पालिका चुनाव का प्रचार थमा, मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा सभासद प्रत्याशियों के समर्थन में... अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को तैयारियां तेज स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति, हैंडओवर की स्थिति एवं संचालन-अनुरक्षण कार्यों की डीएम ने की समीक्... उत्तरांचल प्रेस क्लब के स्वास्थ्य शिविर में 142 पत्रकारों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण उत्तराखण्ड में बीएलओ को मिलेगा एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान

[t4b-ticker]

Monday, June 8, 2026
Homeउत्तराखण्डआरक्षण विधेयक लटकाने पर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने फूंका सरकार का पुतला

आरक्षण विधेयक लटकाने पर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने फूंका सरकार का पुतला

देहरादून। आरक्षण बिल प्रवर समिति द्वारा लटकाये जाने से गुस्साए राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने देहरादून मे विधानसभा भवन के सामने ही सरकार का पुतला फूंका। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा कि आंदोलनकारी आरक्षण पर विचार के लिए गठित विधानसभा प्रवर समिति का कार्यकाल बढ़ाने से साफ है कि राज्य सरकार पर इस विषय पर राजनीति कर रही है।
सुलोचना ईस्टवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि भाजपा आंदोलनकारी आरक्षण के सवाल को लोकसभा चुनाव तक ले जाना चाहती है। ताकि लोकसभा चुनावों में इसका लाभ मिल सके। इससे साफ है कि सरकार का लक्ष्य आंदोलनकारी का सम्मान करना नहीं बल्कि वोट हासिल करना है।
 उत्तराखंड आंदोलनकारी सुशीला पटवाल ने कहा कि सरकार किसी ना किसी बहाने से आंदोलनकारियों के वाजिब हक को टाल रही है। विधेयक में पहले देर की गई, उस पर कई कमियां छोड़कर इसे प्रवर समिति के हवाले कर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब किसी ना किसी बहाने समिति की रिपोर्ट में देरी की जा रही है। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी की वरिष्ठ नेता मनोरमा चमोली ने कांग्रेस पर भी जमकर आक्रोश व्यक्त किया। उन्होने कहा कि समिति में मौजूद विपक्ष के विधायकों को जानकारी और बैठक के लिए निमंत्रण भेजा गया था और विपक्ष के विधायकों द्वारा प्रवर समिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में आने को लेकर अपना कंफर्मेशन भी दिया गया था, लेकिन आखिरी समय पर विपक्ष के विधायकों द्वारा समिति की बैठक में ना पहुंच कर यह दिखाया गया है कि वह प्रदेश के आंदोलनकारी के मुद्दों को लेकर बिल्कुल भी संवेदनशील नहीं हैं।वह किसी भी तरह से राज्य आंदोलनकारियों और उनके परिजनों के साथ नहीं है।
आरक्षण बिल पास होने में देरी होने से गुस्साए राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने आक्रोश जताया कि सरकार ने पहले  भी आंदोलनकारियों के आरक्षण बिल को 7 से 8 साल तक राजभवन में लटकाए रखा,  लगातार आवाज उठाने के बाद पिछले विधान सभा में इस बिल का विधेयक पास हुआ लेकिन सराकर ने फिर इसे प्रवर समिति को सौंप दिया है और प्रवर समिति ने इस बिल को 2 महीने के लिए टांग दिया है। उन्होने आशंका जताई है कि इस बिल का हाल भी लोकायुक्त बिल के जैसा होगा, इसलिए इसके विरोध में आंदोलनकारी सरकार का पुतला दहन कर रहे हैं। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने आरक्षण बिल जल्दी पास नही किया तो पार्टी इसके लिए व्यापक आंदोलन करेगी।
आदोलन मे उपेन्द्र सकलानी,संजय डोभाल, शैलबाला ममंगाई, राजेन्द्र गुसाईं, अनीता नेगी, सुरेन्द्र चैहान, मंजू हर्षवाल, पद्मा रौतेला, सीमा मुंडानी, उमा खंडूरी, राजेंद्र गुसांई, संजय तितोरिया, गोविंद अधिकारी, सुरेंद्र यादव,हंसी देवी, जगदम्बा बिष्ट, यशोदा रावत,  सुशीला पटवाल, तुलसी डोभाल,लीलादेवी नौटियाल, कुसुम खंखरियाल, आरती रतूड़ी, दिव्या चैहान,सुशीला पटवाल, मीना थपलियाल, सुमन भण्डारी, रंजना नेगी, रिक्की कुकरेती, मोहिनी, मनोरमा चमोली, शालिनी चमोली, रेनू नवानी, रचना नौटियाल,  शोभा भंडारी, कुसुम खखरियाल,आरती देवी आदि लोग प्रमुख रूप से शामिल थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments