Latest news
युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्तिः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण नदियों में कूड़ा डालने वालों पर होगी एफआईआर की कार्रवाई स्वास्थ्य महानिदेशक ने समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश गो हत्यारों और नशा तस्करों के घरों पर चला बुलडोजर लोक भवन में राज्यपाल ने शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से किया सम्मानित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभ... राज्यपाल ने शिक्षक दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

[t4b-ticker]

Sunday, September 6, 2026
Homeधर्म-संस्कृतितृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद

तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद

रूद्रप्रयाग: तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट विधि विधान के साथ पूजा अर्चना के बाद बुधवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। जिसके बाद भगवान तुंगनाथ की नित्य पूजा मार्केंडेय मंदिर मक्कूमठ में संपन्न होगी। जहां बदरी-केदार मंदिर समिति ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।

सबसे ऊंचे हिमपर्वत श्रृंखला पर विराजमान तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं।  बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे वैदिक मंत्रोचारण एवं विधि विधान से मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद किए गए। इस अवसर पर डेढ़ हजार श्रद्धालुओं ने बाबा तुंगनाथ के दर्शन किए।

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि पहली बार तुंगनाथ में एक लाख 35 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए हैं। ब्रह्म मुहूर्त में श्री तुंगनाथ के कपाट खोले गए, इसके बाद प्रातरूकालीन पूजा-अर्चना और दर्शन शुरू हुए। तत्पश्चात दस बजे से कपाट बंद की प्रक्रिया शुरू हुई।

बाबा तुंगनाथ के स्वयंभू लिंग को स्थानीय फूलों भस्म आदि से ढक कर समाधि रूप दे दिया गया। इसके बाद ठीक ग्यारह बजे पूर्वाह्न श्री तुंगनाथ जी के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ की देव डोली मंदिर प्रांगण में आई और यहां मंदिर परिक्रमा के पश्चात देव डोली ने चोपता के लिए प्रस्थान किया।

बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार और मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह ने कपाट बंद होने के अवसर पर तीर्थयात्रियों का आभार जताया। मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह ने कहा कि कपाट बंद होने और श्री तुंगनाथ जी की डोली यात्रा सफल समापन के लिए निर्देश जारी किए गए है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments