Latest news
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया चकराता में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कार्यक्रम का शुभारंभ आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी-किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पह... मुख्यमंत्री धामी से मिलीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाज, मुख्यमं... जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरी होंः डीएम कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करेंः मुख्यमंत... मुख्यमंत्री ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत 235 करोड़ रु की परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिला... वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारणः महाराज मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली

[t4b-ticker]

Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तराखण्डयूकेडी का सदस्यता अभियान 1 जनवरी से होगा शुरु

यूकेडी का सदस्यता अभियान 1 जनवरी से होगा शुरु

देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष पूरण सिंह कठैत ने कहा कि राज्य में मूल निवास की कट ऑफ डेट 1950 रखी जाए। प्रदेश में जमीनों को बचाने के लिए सख्त भू कानून लागू किया जाए। श्री कठैत ने कहा कि यूकेडी का सदस्यता अभियान 1 जनवरी से शुरु होगा। राज्य के पांच लोकसभा क्षेत्रों में पांच लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।  
  यूकेडी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्रीय अध्यक्ष पूरण सिंह कठैत ने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल मूल निवास की कट आॅफ डेट सन 1950 रखे जाने की मांग पूर्व से ही करता आया है। राज्य में सशख्त भू कानून लागू किया जाए, जिससे राज्य कि बची भूमि को बचाया जा सके। उन्होंने कहा हैं कि दल लोकसभा क्षेत्र वार सदस्यता अभियान नये सिरे से चलाएगा जिसका प्रथम चरण 01 जनवरी से शुरू होगा। प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र से एक एक लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया हैं।
          मूल निवास की कट आॅफ डेट सन 1950 रखे जाने व भू-कानून की मांग को लेकर 01 जनवरी को प्रत्येक जनपद मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन होगा व मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजा जायेगा। श्री कठैत ने कहा कि सरकार जंगली जानवरों के आतंक से निजात हेतु कड़े कदम उठाये। जंगली जानवरों के आतंक से पहाड़ों में खेती करना दूभर हो गया हैं। किसानों कि फसलें नष्ट हो रही हैं। जो पहाड़ो में लोग हैं जंगली जानवरों से परेशान हैं। सरकार से उक्रांद मांग करता हैं कि इसके लिए सही राश्ता निकाला जाय। उन्होंने कहा हैं कि मूल निवास की कट ऑफ डेट 1950 उत्तराखंड में लागू का समर्थन कांग्रेस नहीं करती हैं जिसका दल निंदा करता है। कहा कि ये कांग्रेस का दिवालियापन है। वैसे इस मुद्दे पर दोनों दल कांग्रेस और भाजपा एक सिक्के के दो पहलू हैं। इस अवसर पर केंद्रीय मीडिया प्रभारी सुनील ध्यानी, सुनील कोटनाला, प्रमिला रावत, प्रताप कुंवर, अनिल थपलियाल, बिजेंद्र रावत, प्रमोद काला उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments