Latest news
नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री देहरादून की 30 होनहार बेटियों को मिला नई उड़ान का अवसर एसआईआर की शुरुआत, सोमवार से मतदाताओं को बीएलओ घर-घर बांटेंगे गणना फार्म कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान नरेंद्रनगर पालिका चुनाव का प्रचार थमा, मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा सभासद प्रत्याशियों के समर्थन में... अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को तैयारियां तेज स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति, हैंडओवर की स्थिति एवं संचालन-अनुरक्षण कार्यों की डीएम ने की समीक्... उत्तरांचल प्रेस क्लब के स्वास्थ्य शिविर में 142 पत्रकारों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण उत्तराखण्ड में बीएलओ को मिलेगा एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान

[t4b-ticker]

Monday, June 8, 2026
Homeधर्म-संस्कृतिशीतकाल के लिए बदरीनाथ धाम में बंद हुआ वेद ऋचाओं का पाठ

शीतकाल के लिए बदरीनाथ धाम में बंद हुआ वेद ऋचाओं का पाठ

श्री बदरीनाथ: शीतकालीन के लिए कपाट बंद होने से पूर्व शुक्रवार को भगवान बदरीविशाल जी की पंच पूजाओं के अंतर्गत आज मां लक्ष्मी जी की पूजा तथा उन्हें श्री बदरीनाथ मंदिर आने की प्रार्थना की गयी।रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी ने मां लक्ष्मी माता को स्त्रेण भेष में बुलावा भेजा। इससे पूर्कव कल 18 नवंबर को खडग पुस्तक पूजन हुआ तथा शीतकाल हेतु वेद ऋचाओं का पाठ बंद हुआ।

उल्लेखनीय है कि विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतर्गत पंच पूजाओं के पहले दिन 16 नवंबर को प्रात: से श्री गणेश जी की पूजाएं तथा शाम को गणेश जी के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो गये 17 नवंबर को श्री आदि केदारेश्वर भगवान के कपाट बंद हुए। कल 18 नवंबर को खडग पुस्तक पूजन हुआ। कल 20 नवंबर शनिवार को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे

इस अवसर पर रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी, देवस्थानम बोर्ड के उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी. सिंह, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल एवं आचार्यगण तथा सुनील तिवारी, राजेन्द्र चौहान, भूपेंद्र रावत, डा. हरीश गौड़, संजय भट्ट, कृपाल सनवाल, हरीश जोशी सहित तीर्थयात्री मौजूद रहे। आज बड़ी संख्या में तीर्थयात्री मंदिर पहुंचे। कपाट बंद के अवसर हेतु मंदिर को फूलों से सजाया जा रहा है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments