Latest news
डीएम ने अरविंद गैस एजेंसी रेसकोर्स से 13890 गैस कनेक्शन जीवन ज्योति एजेंसी कैनाल रोड में करवाए शिफ्ट शिक्षा विभाग में पदोन्नत हुये चार अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी रिश्वत प्रकरण में डोईवाला के प्रभारी बीईओ निलंबित मुख्य सचिव ने 25 बिंदु कार्यक्रम के वर्ष 2026-27 के लिए शीघ्र लक्ष्य निर्धारित किए जाने के निर्देश द... हेमवती नंदन बहुगुणा सदैव किसानों और गरीबों के हितों के लिए समर्पित रहेः सीएम राम नगरी में बनेगा धामी सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट राज्य अतिथि गृह मुख्यमंत्री धामी बोले, हिमालयी राज्य आपसी सहयोग और अनुभवों से करें नीति निर्माण उत्तराखंड में डिजिटल जनगणना के प्रथम चरण का फील्ड कार्य 25 अप्रैल से सीएम धामी ने महिला जन आक्रोश रैली में प्रतिभाग किया महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट

[t4b-ticker]

Saturday, April 25, 2026
Homeउत्तराखण्डमानव को सन्मार्ग पर लाने के लिए प्रभु धरा पर अवतरित होतेः...

मानव को सन्मार्ग पर लाने के लिए प्रभु धरा पर अवतरित होतेः भारती

देहरादून। गुरुदेव आशुतोष महाराज के दिव्य मार्गदर्शन में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा गंगेश्वर बजरंगदास चौराहा, सेक्टर-9, अमिताभ पुलिया के पास, गोविंदपुर, महाकुंभ मेला, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में भव्य श्री राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा व्यास साध्वी श्रेया भारती ने कथा के दूसरे दिन रामचरितमानस की महिमा के बारे में बताया। उन्होंने कहा रामचरितमानस की रचना कितने ही वर्ष पूर्व क्यों न की गई हो परन्तु धर्म की स्थापना के जिस सन्देश को वह धारण किये हुए है वह हर युग काल और देश की सीमाओं से परे है व वर्तमान युग की समस्त समस्याओं का निवारण प्रस्तुत करता है। संसार में नाना प्रकार के रोग, शोक, जन्म, मृत्यु इत्यादि में पड़े काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार में जीवन के महत्व को खो चुके मानव को सन्मार्ग पर लाने के लिए प्रभु अवतीर्ण होते हैं। उपद्रव को शांत करने नित्यधाम से अनुरूप हो कार्य को संपादित करने के लिए जन्म लेते हैं।
साध्वी श्रेया भारती ने प्रभु श्री राम के दिव्य चरित्र के बारे में बताते हुए कह कि प्रभु धर्म की स्थापना के लिए साकार रूप धारण करते हैं। और इसमें हम सभी को उनका साथ देना चाहिए। सौभाग्यशाली होती हैं वे आत्माएं जिन्हें ये सुअवसर मिलता है। साध्वी ने बताया कि समाज को श्री राम जी की आवश्यकता है उनके आदर्शों की आवश्यकता है जिसे आज का मानव भूल चुका है। आज का मानव अज्ञानता के वशीभूत राम चरित्र को छोड़ चलचित्रों के पीछे दौड़ रहा है आज समय है इस अज्ञानता को समाप्त कर ज्ञान का प्रसार करने की क्योंकि आज समय और समाज की पुकार ब्रह्मज्ञान है जिससे कि मानव, मानव बन पायेगा और दानवता का नाश हो सकेगा। ब्रह्मज्ञान के विषय में बताते हुए उन्होंने बताया कि ब्रह्मज्ञान ईश्वर की अनुभूति है ईश्वर का आगमन है अंतस में जब अंतःकरण में ज्ञान का प्रकाश होगा तो अंधकार स्वतः ही समाप्त हो जायेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments