Latest news
अपर मेला अधिकारी ने कुंभ मेला की तैयारियों के तहत निर्माणाधीन घाटों का किया निरीक्षण कुंभ के लिये मेला क्षेत्र के साथ ही नजदीकी रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का होगा सुदृढ़ीकरण मुख्यमंत्री धामी ने परमार्थ निकेतन में 38वें अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में किया प्रतिभाग उत्तराखण्ड के वित्तीय प्रबंधन को राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहनाः सीएम खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के विकास को हरिद्वार व उधमसिंहनगर में अवसंरचना को मिल रहा प्रोत्साहन खुशखबरीः अल्मोड़ा में खुलेगा लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर किसानों की फसल बचाने को केंद्र से मिले 25 करोड़ कुम्भ-2027 को लेकर सड़क व रेल यातायात से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा कुमाऊं के किसी नगर निगम क्षेत्र में नहीं हो रहा पथ विक्रेता अधिनियम का पालन एलपीजी गैस अवैध संग्रहण, कालाबाजारी पर अब सीधे जेल

[t4b-ticker]

Saturday, March 14, 2026
Homeउत्तराखण्डआईएएस धीराज गर्ब्याल पर लगे सरकारी धन के दुरुपयोग मामले में हाईकोर्ट...

आईएएस धीराज गर्ब्याल पर लगे सरकारी धन के दुरुपयोग मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई

नैनीताल। हाईकोर्ट ने नैनीताल के तत्कालीन जिलाधिकारी के अपने कार्यकाल के दौरान जिले के लिए जारी फंड के दुरुपयोग के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। पूरा मामला साल 2021 से 2023 के बीच का है। मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र व न्यायमूर्ती आलोक मेहरा की खंडपीठ ने राज्य सरकार समेत सीबीआई से जवाब पेश करने को कहा है। साथ में कोर्ट ने तत्कालीन जिलाधिकारी विपक्षी धीराज गर्ब्याल को नोटिस जारी कर उनसे अपना जवाब पेश करने को है।
मामले के अनुसार नोएडा निवासी संजय गुप्ता ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि साल 2021 से लेकर 2023 तक नैनीताल के तत्कालीन जिलाधिकारी के जिले के लिए जारी सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। उन्होंने इस धन का पब्लिक हित में उपयोग ना कर उसका उपयोग अपने निजी हित के लिए किया गया। शिकायत करने पर पूरे प्रकरण की जांच कैग ने की। कैग ने अपनी रिपोर्ट में माना कि सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। इस पर उन्होंने सरकार को भी शिकायत की और रिपोर्ट पर कार्रवाई की मांग की गई। लेकिन अभी तक सरकार ने कैग की रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
जनहित याचिका में पूर्व जिला अधिकारी पर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने जिले के लिए जारी बजट का दुरुपयोग किया है। जैसे डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड को उन्होंने अपने निजी हितों के लिए उपयोग किया। उपयोग करने के बाद उस भूमि के रेट बढ़ा दिए गए। एससी एसटी की भूमि का स्वरूप बदलकर बेच दी। उन्होंने प्रतिबंधित क्षेत्र के लोगों को नियम विरुद्ध जाकर आर्म लाइसेंस दे दिए गए। नैनीताल शहर के सौंदर्यीकरण के नाम पर भी सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। अब सरकार कैग की रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments