Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeउत्तराखण्डजनसंख्या स्थिरीकरण सप्ताह शुरू, 18 जुलाई तक चलेगा आयोजन

जनसंख्या स्थिरीकरण सप्ताह शुरू, 18 जुलाई तक चलेगा आयोजन

रूद्रप्रयाग। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में विश्व जनसंख्या स्थिरीकरण सप्ताह का शुभारंभ हो गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि व जखोली तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ में आयोजित कार्यक्रमोें में जनसंख्या वृद्धि से होने वाले प्रतिकूल प्रभावों व जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भूमिका पर चर्चा की गई। इस दौरान महिलाओं के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित मातृत्व पर जोर देते हुए जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए परिवार नियोजन की स्थाई व अस्थाई सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा राम प्रकाश ने बताया कि ”मां बनने की उम्र वही, जब तन और मन की तैयारी सही” थीम पर जनपद के समस्त विकयाखंडों में जागरूकता गोष्ठियों के आयोजन के साथ विश्व जनसंख्या स्थिरीकरण सप्ताह का शुभारंभ हो गया। उन्होंने जनसंख्या स्थिरीकरण की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि तेजी से बढ़ रही जनसंख्या से समस्याएं भी बढ़ रही हैं, जिसके दृष्टिगत आने वाली पीढ़ी के सुखद भविष्य के लिए जनसंख्या स्थिरीकरण बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि 18 जुलाई तक चलने वाले जनसंख्या स्थिरीकरण सप्ताह के तहत समस्त चिकित्सा इकाईयों में परिवार नियोजन सेवाएं, स्वास्थ्य शिक्षा व चिकित्सकीय परामर्श की सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जायेगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ में आयोजित कार्यक्रमोें में जनसंख्या वृद्धि से होने वाले प्रतिकूल प्रभावों व जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भूमिका पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि पहला बच्चा 20 वर्ष की उम्र के बाद हो, वो भी तब जब स्त्री तन व मन से स्वस्थ हो। साथ ही दो बच्चों में तीन वर्ष का अंतर रखने व बच्चों में अंतर रखने के लिए गर्भ निरोधक साधनों का उपयोग करने पर जोर दिया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिवार नियोजन के साधन पुरूष नसबन्दी कराने पर 2000 रूपए व महिला नसबन्दी कराने पर 1400 रूपए, गर्भ निरोधक उपाय पीपीआईयूसीडी अपनाने पर 300 रूपए व प्रसव के बाद 7 दिन के भीतर नसबन्दी अपनाने पर रूपए 2200 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। वहीं, विश्व जनसंख्या सप्ताह के तहत जनपद में 14-17 जुलाई को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि में, 15-18 जुलाई को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ में महिला नसबन्दी शिविर का आयोजन किया जायेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments