Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeउत्तराखण्डप्लास्टिक के प्रयोग को रोकने के लिए, विकल्प को दिया जाय...

प्लास्टिक के प्रयोग को रोकने के लिए, विकल्प को दिया जाय बढ़ावा: मुख्य सचिव

देहरादून: मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को रोकने के हेतु गठित स्पेशल टास्क फोर्स के सम्बन्ध में बैठक की। बैठक के दौरान, मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यावरण के लिए प्लास्टिक बहुत की घातक है, इसमें सिंगल यूज प्लास्टिक सबसे अधिक हानिकारक है। इसके प्रयोग को रोकने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने इसके लिए आमजन में जागरूकता फैलाने के साथ ही कुछ विशेष कदम उठाए जाने की बात भी कही।

मुख्य सचिव ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को रोकने के लिए अधिक से अधिक जागरूकता फैलाई जाए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों में सिंगल यूज प्लास्टिक की जानकारी की कमी होने के कारण इसको रोकने के प्रयास कम सफल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कौन सा प्लास्टिक बैन है, कौन सा नहीं इस पर एक छोटी-छोटी वीडियो क्लिप्स के माध्यम से जानकारी का संचार किया जाए। साथ ही, व्यापारियों एवं आमजन को फोटो और वीडियो के माध्यम से बैन और अधिक नुकसानदेह प्लास्टिक की जानकारी वेबसाइट और सोशल मीडिया के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए। इससे होने वाले दुष्प्रभावों को भी फोटो-वीडियो के माध्यम से दिखाया जाना चाहिए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्लास्टिक के प्रयोग को रोकने के लिए प्लास्टिक के विकल्प को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्लास्टिक के क्या-क्या विकल्प हो सकते हैं, इस पर एक अध्ययन कराया जाए, ताकि इसके विकल्पों के लिए सब्सिडी देकर बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने प्लास्टिक के विकल्प को बढ़ावा दिए जाने हेतु एक योजना तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना में सब्सिडी के माध्यम से बढ़ावा दिया जाए, ताकि इसके विकल्प के व्यवसाय से जुड़ने को प्रोत्साहित हो सकें, और प्लास्टिक के व्यापार से जुड़े लोगों के रोजगार पर इसका प्रभाव न पड़े। उन्होंने वन विभाग की नर्सरी में भी पौधों के लिए जूट के बैग के प्रयोग की संभावनाओं को भी तलाशा जाए।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन एवं सचिव अमित नेगी सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments