Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeउत्तराखण्डचमोली के देवाल ब्लॉक में मोपाटा गांव में लैंडस्लाइड के मलबे में...

चमोली के देवाल ब्लॉक में मोपाटा गांव में लैंडस्लाइड के मलबे में दबे पति पत्नी

देहरादून। प्रदेश के रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी गढ़वाल जिलों में अतिवृष्टि और बादल फटने के कारण भीषण प्राकृतिक आपदा आई है। चमोली जिले के देवाल ब्लॉक स्थित मोपाटा गांव में लैंडस्लाइड के मलबे में पति पत्नी दब गए। कई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शव बरामद हो गए हैं। यहां दो लोग भूस्खलन की चपेट में आने से घायल भी हुए हैं। घायलों को देवाल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। इधर रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार तहसील में रात को बादल फटने से भारी तबाही मची है। यहां कई लोग आपदा के बाद से लापता हैं। कई घरों को नुकसान पहुंचा है। अनेक वाहन मलबे में दब और बह गए हैं। टिहरी गढ़वाल जिले के बूढ़ाकेदार इलाके में भी बादल फटा है। यहां भी काफी नुकसान हुआ है। यहां बाल गंगा और धर्म गंगा नदियां उफान पर हैं।
जनपद रुद्रप्रयाग की तहसील बसुकेदार के तालजामण क्षेत्रान्तर्गत गधेरे के दूसरे छोर पर असुरक्षित क्षेत्र में फंसे हुए लोगों को एसडीआरएफ की टीम ने निरन्तर रेस्क्यू किया जा रहा है। रुद्रप्रयाग पुलिस ने रेस्क्यू करते जवानों का वीडियो शेयर किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि बादल फटने के बाद इलाका कैसे पूरा तबाह हो चुका है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में जनपद-बागेश्वर, चमोली, देहरादून और रुद्रप्रयाग में अलग-अलग स्थानों पर पर तीव्र से अति तीव्र बारिश होने की आशंका जताई है। इन जिलों के चकराता, डोईवाला, बदरीनाथ, केदारनाथ, सोनप्रयाग, जोशीमठ, थराली, कपकोट और विकासनगर तथा इनके आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज व बिजली गिरने और बहुत तीव्र से अत्यंत तीव्र बारिश होने की संभावना है।
रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार स्थित छेनागाड़ में रेस्क्यू टीमें कड़ी मशक्कत के बाद पहुंच गई हैं। ये इलाका आपदा से तबाह हो गया है। रुद्रप्रयाग पुलिस ने जानकारी दी है कि छेनागाड़ में फंसी विश्वनाथ की बस के ड्राइवर और कंडक्टर सहित आसपास फंसे लोगों का डीडीआरएफ (जिला आपदा प्रतिवादन बल) रुद्रप्रयाग की टीम द्वारा रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर भिजवाया गया है। सभी रेस्क्यू टीमें आपसी समन्वय के साथ रेस्क्यू कार्य में लगी हैं। रुद्रप्रयाग के बसुकेदार तहसील में बादल फटने से आई आपदा को लेकर जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने अपडेट दिया है। डीएम के अनुसार इस आपदा में एक महिला की मौत हो चुकी है। 8 लोग मिसिंग हैं। रुद्रप्रयाग के डीएम प्रतीक जैन ने बताया कि एसडीआरएफ की टीम ने बसुकेदार के तालजामण में रेस्क्यू शुरू कार्य शुरू कर दिया है। यहां बादल फटने के बाद जगह जगह मार्ग टूट गए है। एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम प्रभावित क्षेत्र में पहुंच चुकी है। मौके पर लगभग 200 लोग सरकारी स्कूल में सुरक्षित स्थान पर आ गए हैं। गदेरे के पार दो तीन परिवार फंसे हैं, जिन्हें एसडीआरएफ टीम द्वारा निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अतिवृष्टि, बादल फटने और लैंडस्लाइड से प्रभावित इलाकों की स्थिति पर खुद नजर रख रहे हैं। सीएम ने बताया कि शासकीय आवास पर आपदा प्रबंधन से संबंधित बैठक में आपदा सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्र के बड़ेथ डुंगर तोक, जनपद चमोली के देवाल क्षेत्र एवं नैनीताल, बागेश्वर, टिहरी में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर और प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों तक तत्काल सहायता राशि पहुंचाने के साथ ही संवेदनशीलता व तत्परता के साथ हर आवश्यक कदम उठाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र सुचारू और हर आवश्यक संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने समेत अन्य जनपदों में भी पूरे मानसून सीजन में अलर्ट मोड पर रहने के लिए निर्देशित किया। प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़ी है और प्रभावितों को हरसंभव सहायता व संरक्षण प्रदान किया जाएगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments