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Tuesday, September 15, 2026
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ग्राम्य विकास विभाग को हाउस ऑफ हिमालयाज व मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये मिले दो प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड

देहरादून। ग्राम्य विकास विभाग, उत्तराखण्ड को हाउस ऑफ हिमालयाज और मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजनादृरूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान 20 सितम्बर 2025 को इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख व्यक्तियों, नीति निर्माताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। स्कॉच अवार्ड भारत में सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए किए गए अभिनव प्रयासों को मान्यता प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण पुरस्कार है। इसकी स्थापना वर्ष 2003 में की गई थी, और तब से यह पुरस्कार उन संस्थानों, विभागों और विशेष परियोजनाओं को दिया जाता है, जो डिजिटल, वित्तीय और सामाजिक समावेशन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हों। इस बार, ग्राम्य विकास विभाग को समुदायदृकेन्द्रित विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए गए प्रयासों हेतु सम्मानित किया गया।
हाउस ऑफ हिमालयाज पहल के अंतर्गत, पर्वतीय क्षेत्रों की महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय किसानों द्वारा तैयार उत्पादों को ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस पहल ने न केवल उत्तराखण्ड के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है, बल्कि स्थानीय समुदाय की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। राज्य सरकार के इस अभिनव पहल हेतु ग्राम्य विकास विभाग को स्कॉच अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया। दूसरी ओर,ग्राम्य विकास विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा राज्य में उद्यमिता विकास हेतु संचालित मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत युवाओं को स्वरोज़गार और प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए गए। इस योजना के उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु भी स्कॉच अवार्डदृ2025 प्रदान किया गया। यह योजना राज्य के ग्रामीण युवाओं को आधुनिक तकनीकी, उद्यमशीलता और व्यवसायिक प्रबंधन का प्रशिक्षण तथा प्रशिक्षण उपरांत स्वरोजगार में बढ़ावा दिए जाने हेतु समस्त प्रकार से सहायता प्रदान करती है ताकि राज्य में अधिकाधिक स्वरोजगार उपलब्ध कराया जा सके एवं पलायन को कम किया जा सके। इस सम्मान पर राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई, ग्राम्य विकास की परियोजना समन्वयक एवं अपर सचिव ग्राम्य विकास झरना कमठान द्वारा प्राप्त किया गया। इस अवसर पर राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई, ग्राम्य विकास के मुख्य विकास अधिकारी, डॉ. प्रमोद बेनीवाल, गोविन्द धामी तथा गुलजारन कुमार, हाउस ऑफ़ हिमालयास से प्रेरणा ध्यानी भी मौजूद रहे।

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