Latest news
डॉ. निशंक के दिल्ली आवास पर दिग्गजों का मंथन उत्तराखंड में नवाचार आधारित शिक्षा मॉडल के विकास पर फोकस आयुष मंत्री मदन कौशिक ने राष्ट्रीय आयुष मिशन की समीक्षा की कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए सचिव से लगाई गुहार -मुख्यमंत्री ने किया उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की कई योजनाओं का शुभारंभ मुख्य सचिव ने समन्वित, प्रभावी एवं समयबद्ध आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली स्थापित किए जाने के निर्देश... चकराता में केंद्रीय संचार ब्यूरो का तीन दिवसीय एकीकृत संचार एवं आउटरीच कार्यक्रम संपन्न ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’, शौर्य दिवस के अवसर पर कारगिल वीरों को दी जाएगी श्रद्धांजलि अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया

[t4b-ticker]

Saturday, July 25, 2026
Homeउत्तराखण्डसोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्टों का मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय उत्तराखंड ने...

सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्टों का मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय उत्तराखंड ने किया खंडन

देहरादून। हाल में ही उत्तराखंड पंचायत चुनाव के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के बाद यह संज्ञान में आया है कि सोशल मीडिया पर कतिपय लोगों द्वारा इस प्रकरण को भारत निर्वाचन आयोग से गलत ढंग से जोड़ा जा रहा है, जो पूर्ण रूप से तथ्यहीन और भ्रामक है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा देश में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य चुनने, प्रत्येक राज्य की विधान मण्डल के चुनाव, राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति के चुनाव सम्पादित किए जाते हैं। वहीं, संविधान के अनुच्छेद 243ट मे निहित प्राविधानों के अनुसार पंचायतों और नगर निकायों के चुनाव राज्य निर्वाचन आयोगों द्वारा सम्पादित करवाए जाते हैं जो कि राज्य मे स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है । संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग का पंचायतों के निर्वाचन सम्पादित करवाने का दूर तक भी कोई विधिक प्रविधान नहीं है।
महत्वपूर्ण बात यह भी है कि राज्य निर्वाचन आयोग एवं भारत निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची भी अलग अलग होती है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रत्येक वर्ष समय समय पर मतदाता सूची का पुनरीक्षण भी करवाया जाता है। इस प्रकार, संविधान में निर्वाचन संबंधी जिम्मेदारियों का स्पष्ट विभाजन किया गया है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रत्येक स्तर पर स्वतंत्र, निष्पक्ष और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments