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Monday, August 24, 2026
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राज्यपाल ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति के साथ की उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, शोध और नवाचार पर समीक्षा बैठक

नैनीताल। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीबीएस परिसर में कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति एवं संकायाध्यक्ष के साथ आयोजित बैठक में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, नवाचार और विद्यार्थियों के कौशल विकास आदि पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने वाली संस्थाएं नहीं, बल्कि समाज निर्माण, राष्ट्र निर्माण और युवाओं को दिशा देने वाले महत्वपूर्ण केंद्र हैं। राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थी विश्वविद्यालयों की मुख्य धुरी हैं और शिक्षकों की भूमिका केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन के लिए तैयार करने की भी है। उन्होंने विश्वविद्यालयों में अध्यापकगण के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार समर्पित शिक्षक होते हैं। उन्होंने पूर्व विद्यार्थियों (अल्मुनी) को विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए उनके अनुभव, सहयोग और संस्थान के विकास में योगदान को और अधिक सशक्त रूप से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों द्वारा शैक्षणिक सुधार, शोध गतिविधियों, डिजिटल व्यवस्थाओं तथा आधारभूत संरचना के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास, भारतीय ज्ञान परंपरा, नवाचार और शोध को बढ़ावा देने की दिशा में और तेजी से कार्य किए जाने की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने कहा कि पाठ्यक्रम समयानुकूल, रोजगारोन्मुख और व्यावहारिक आवश्यकताओं के अनुरूप होने चाहिए, ताकि विद्यार्थी केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रहकर नेतृत्व क्षमता, समस्या समाधान, नवाचार और कौशल विकास से भी सशक्त बन सकें। उन्होंने विश्वविद्यालयों में इंटर्नशिप, प्रयोगात्मक शिक्षा, स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। बैठक के दौरान राज्यपाल ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के भूविज्ञान (जियोलॉजी) विभाग की शैक्षणिक उपलब्धि तथा उसके पूर्व नेतृत्व द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की और इस उत्कृष्ट परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) विभाग की विशेष उपलब्धियों, नैनीताल झील के जलीय जीवन संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता से जुड़े प्रयासों की प्रशंसा करते हुए विश्वविद्यालयों की सफलता की प्रेरक कहानियों को व्यापक स्तर पर सामने लाने के निर्देश दिए। विश्वविद्यालय की नौसेना एनसीसी (छंअंस छब्ब्) की गतिविधियों एवं अनुशासनात्मक योगदान की भी सराहना की। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को युवाओं को राष्ट्रहित, सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण संरक्षण और नवाचार की भावना से जोड़ते हुए विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले संस्थानों के रूप में आगे आना होगा। बैठक में कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने विश्वविद्यालय के नवाचार, शैक्षणिक गतिविधियों और अन्य जानकारियां दी। इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो. नीता बोरा और विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष उपस्थित रहे।

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