Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeउत्तराखण्डकांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष के पदभार ग्रहण करने के बाद,...

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष के पदभार ग्रहण करने के बाद, नहीं दिखती कांग्रेस में कोई बहुत बड़ी टूट की आशंका,

-करन माहरा अधिकतर विधायकों को साधने में कामयाब

देहरादून: आलाकमान द्वारा कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति के बाद कांग्रेस में मची उथल पुथल व बड़ी टूट की आशंका के बीच कल नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा के पदभार ग्रहण करने के मौके पर कुछ विधायको की गैर मौजूदगी के बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि कांग्रेसी विधायकों की इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम से अनुपस्थिति शायद कांग्रेस में होने वाली बड़ी टूट का संकेत है, किन्तु आज नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के पदभार ग्रहण करते ही कल अनुपस्थित अधिकतर विधायकों की मौजूदगी से स्पष्ट हो रहा है प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा कांग्रेस में मचे तूफान को शांत करने में सफल हो रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कल उनके पदभार ग्रहण करने के मौके पर अधिकतर विधायक निजी व अन्य कारणों से अनुपस्थित थे. जिनमें से विधायक गोपाल राणा प्रदेश से बाहर थे. वहीं हरिद्वार से विधायक ममता राकेश, फुरकान अहमद भगवानपुर में हुई किसी घटना के चलते उपस्थित नही हो पाए थे. तो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व विधायक प्रीतम सिंह उनके विधानसभा क्षेत्र में हुई दुर्घटना के चलते कार्यक्रम में उपस्थित नही हो पाए थे. इन सभी की सूचना नयनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष को थी, जबकि विधायक तिलक राज बेहड़ व राजेन्द्र भंडारी अस्वस्थता के चलते कार्यक्रम में उपस्थित नही हो पाये थे।

कांग्रेस में नई नियुक्तियों से उथल पुथल जरूर मची थी लेकिन ऐसा लगता है कि अब इस उथल पुथल की तीव्रता कम होकर कांग्रेस के चार विधायकों तक ही सीमित की जा चुकी है। आगे क्या होगा यह तो आने वाला समय ही बतायेगा लेकिन फिलहाल करन माहरा ने इस खेल में सधे हुए कदमों की आहट तो दे दी है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments