Latest news
श्रमिकों के हित सर्वोपरि, टीएचडीसी टनल हादसे की समीक्षा में आयुक्त ने दिए निर्देश मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर एसआईआर पर की समीक्षा स्वतंत्रता सेनानियों और युद्ध वीरों को किया नमन मतदाता पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ डीएम ने की अहम बैठक एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ अतिक्रमण, अवैध फैक्ट्री और आपदा कार्यों में अनियमितता पर डीएम सख्त, अधिकारियों को दिए जांच के निर्दे... जल जीवन मिशन के ठेकेदारों का ढाई वर्षों से लंबित देयकों का भुगतान शीघ्र किए जाएः अग्रवाल उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मॉडल से रूबरू हुए श्रीलंका के अधिकारी युवा आयोग की स्थापना से साकार होगी समृद्ध उत्तराखंड की संकल्पनाः भट्ट राष्ट्रीय राजमार्ग का बडा हिस्सा धंसने से ट्रक फंसा

[t4b-ticker]

Thursday, August 20, 2026
Homeउत्तराखण्डराज्यपाल ने राजभवन परिसर में की बर्ड वॉचिंग

राज्यपाल ने राजभवन परिसर में की बर्ड वॉचिंग

देहरादून। जैव विविधता से भरपूर उत्तराखंड में पक्षियों का एक अलग संसार बसता है। यहां पर विभिन्न प्रकार की पक्षियों की प्रजातियां पायी जाती हैं। वहीं राजभवन देहरादून एवं इसके आस-पास के क्षेत्र में भी पक्षियों की लगभग 180 से अधिक प्रजातियां देखने को मिलती हैं। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार प्रातः राजभवन परिसर में बर्ड वॉचिंग की। इस दौरान पीसीसीएएफ डॉ. धनंजय मोहन और निदेशक राजाजी पार्क, साकेत बड़ोला मौजूद रहे। बर्ड वाचिंग के दौरान उन्होंने कई पक्षियों का देखा जिनमें ओरियंटल पाइड-हॉर्नबिल, मैग्पी-रोबिन, बुलबुल, ग्रे ट्रैपी, एलक्जैंडरिन पैराकीट, वुडपैकर आदि प्रजातियां थी। उन्होंने कहा कि पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों को देखकर एक अलग ही आनंद की अनुभूति हुई है।
राज्यपाल ने कहा कि पक्षियों की अलग-अलग चहचहाहट और क्रियाकलाप मन को प्रफुल्लित और आकर्षित करने वाला रहा। उन्होंने कहा कि अन्य स्थानों पर जहां पक्षियों के दीदार मौसम पर निर्भर है, इस परिसर में वर्ष भर पक्षियों का बसेरा रहता है। पक्षियों की अविश्वसनीय विविधता से समृद्ध, उत्तराखंड पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों का घर है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के अनमोल खजाने से परिपूर्ण देवभूमि उत्तराखंड की जैव विविधता अलग ही है जिसका प्रचार-प्रसार किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोगों को इसके लिए जागरूक किया जाना आवश्यक है ताकि यहां की जैव विविधता की जानकारी पूरे देश और दुनिया में हो सके।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments