Latest news
युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्तिः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण नदियों में कूड़ा डालने वालों पर होगी एफआईआर की कार्रवाई स्वास्थ्य महानिदेशक ने समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश गो हत्यारों और नशा तस्करों के घरों पर चला बुलडोजर लोक भवन में राज्यपाल ने शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से किया सम्मानित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभ... राज्यपाल ने शिक्षक दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

[t4b-ticker]

Sunday, September 6, 2026
Homeउत्तराखण्डकेंद्र सरकार को तत्काल युवा और राष्ट्र विरोधी अग्निपथ योजना को वापस...

केंद्र सरकार को तत्काल युवा और राष्ट्र विरोधी अग्निपथ योजना को वापस लेना चाहिए : हरीश रावत

देहरादून: बुधवार को केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के विरोध में सर्वदलीय विरोध जताया गया। पूर्व सीएम हरीश रावत के नेतृत्व में कई दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पहले चीडबाग स्थित सैन्य धाम में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। तथा केंद्र सरकार पर बेरोजगार युवाओं को धोखा देने का आरोप लगाया।

उसके बाद राजभवन की ओर कूच किया। सभी को कुछ ही दूरी पर बैरिकेड लगाकर रोक लिया गया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर विरोध जताया गया। पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि केंद्र सरकार को तत्काल इस युवा और राष्ट्र विरोधी अग्निपथ योजना को वापस लेना चाहिए।

उत्तराखंड के युवाओं को बचाने के लिए इस गलत योजना का लगातार विरोध किया जाएगा। इसके लिए लगातार सत्याग्रह चलाया जाएगा। उन्होंने कहा की सेना भर्ती उत्तराखंड के युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा जरिया है। सालों से युवा इसकी रात दिन तैयारी कर रहे हैं। अब सीधी भर्ती की जगह अग्निवीरो की भर्ती कर युवाओं को झटका दिया गया है। 

पहले से भर्ती की फिजिकल परीक्षा पास कर चुके 50 हजार युवाओं को भर्ती निरस्त कर नुकसान पहुंचाया गया है। अग्निपथ योजना के कारण रेजीमेंट सिस्टम आने वाले कुछ वर्षों में पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।  राज्यों के मुख्यमंत्री दावा कर रहे हैं की अग्निवीरों को तत्काल नौकरी दी जाएंगी। जबकि हकीकत ये है की छह साल में एक भी पूर्व सैनिक को नौकरी नहीं दी गई है।

एक भी पूर्व सैनिक को पैरा मिलिट्री फोर्स में नौकरी नहीं दी गई है। कोई भी पुलिस में भर्ती नहीं हुआ है। उद्योगपति दावा कर रहे हैं की उधोगों में नौकरी दी जाएगी, जबकि छह महीने में ही नौ हजार को नौकरी से निकाल दिया गया है। कहा की इस विवादास्पद योजना के बचाव में वर्किंग सैन्य अफसरों को आगे कर दिया गया है। जो एक गलत परम्परा शुरू की गई है।

सरकार बताए की सिर्फ छह महीने की ट्रेनिंग से कैसे अग्निवीर अत्याधुनिक हथियारों को संचालित कर पाएंगे। सरकार को चाहिए की इस गलत निर्णय को वापस ले। लोकतंत्र में गलत निर्णय वापस लेने वाले भी महान कहलाते हैं। इस योजना को वापस लेने को लेकर केंद्र पर दबाव बनाया जाएगा।

राज्य के प्रधान, महिला और पूर्व सैनिकों के जरिए पीएम को पत्र भेजे जाएंगे। पूर्व सैनिक परंपरा को बर्बाद करने वाली इस योजना का विरोध जारी रहेगा। विरोध जताने वालों में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, उक्रांद अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी, टीपीएस रावत, समर भंडारी, सुरेंद्र अग्रवाल, सत्यनारायण सचान, एसएस पांगती, आदि मौजूद रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments