Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeउत्तराखण्डकेंद्र सरकार को तत्काल युवा और राष्ट्र विरोधी अग्निपथ योजना को वापस...

केंद्र सरकार को तत्काल युवा और राष्ट्र विरोधी अग्निपथ योजना को वापस लेना चाहिए : हरीश रावत

देहरादून: बुधवार को केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के विरोध में सर्वदलीय विरोध जताया गया। पूर्व सीएम हरीश रावत के नेतृत्व में कई दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पहले चीडबाग स्थित सैन्य धाम में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। तथा केंद्र सरकार पर बेरोजगार युवाओं को धोखा देने का आरोप लगाया।

उसके बाद राजभवन की ओर कूच किया। सभी को कुछ ही दूरी पर बैरिकेड लगाकर रोक लिया गया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर विरोध जताया गया। पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि केंद्र सरकार को तत्काल इस युवा और राष्ट्र विरोधी अग्निपथ योजना को वापस लेना चाहिए।

उत्तराखंड के युवाओं को बचाने के लिए इस गलत योजना का लगातार विरोध किया जाएगा। इसके लिए लगातार सत्याग्रह चलाया जाएगा। उन्होंने कहा की सेना भर्ती उत्तराखंड के युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा जरिया है। सालों से युवा इसकी रात दिन तैयारी कर रहे हैं। अब सीधी भर्ती की जगह अग्निवीरो की भर्ती कर युवाओं को झटका दिया गया है। 

पहले से भर्ती की फिजिकल परीक्षा पास कर चुके 50 हजार युवाओं को भर्ती निरस्त कर नुकसान पहुंचाया गया है। अग्निपथ योजना के कारण रेजीमेंट सिस्टम आने वाले कुछ वर्षों में पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।  राज्यों के मुख्यमंत्री दावा कर रहे हैं की अग्निवीरों को तत्काल नौकरी दी जाएंगी। जबकि हकीकत ये है की छह साल में एक भी पूर्व सैनिक को नौकरी नहीं दी गई है।

एक भी पूर्व सैनिक को पैरा मिलिट्री फोर्स में नौकरी नहीं दी गई है। कोई भी पुलिस में भर्ती नहीं हुआ है। उद्योगपति दावा कर रहे हैं की उधोगों में नौकरी दी जाएगी, जबकि छह महीने में ही नौ हजार को नौकरी से निकाल दिया गया है। कहा की इस विवादास्पद योजना के बचाव में वर्किंग सैन्य अफसरों को आगे कर दिया गया है। जो एक गलत परम्परा शुरू की गई है।

सरकार बताए की सिर्फ छह महीने की ट्रेनिंग से कैसे अग्निवीर अत्याधुनिक हथियारों को संचालित कर पाएंगे। सरकार को चाहिए की इस गलत निर्णय को वापस ले। लोकतंत्र में गलत निर्णय वापस लेने वाले भी महान कहलाते हैं। इस योजना को वापस लेने को लेकर केंद्र पर दबाव बनाया जाएगा।

राज्य के प्रधान, महिला और पूर्व सैनिकों के जरिए पीएम को पत्र भेजे जाएंगे। पूर्व सैनिक परंपरा को बर्बाद करने वाली इस योजना का विरोध जारी रहेगा। विरोध जताने वालों में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, उक्रांद अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी, टीपीएस रावत, समर भंडारी, सुरेंद्र अग्रवाल, सत्यनारायण सचान, एसएस पांगती, आदि मौजूद रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments