Latest news
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया चकराता में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कार्यक्रम का शुभारंभ आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी-किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पह... मुख्यमंत्री धामी से मिलीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाज, मुख्यमं... जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरी होंः डीएम कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करेंः मुख्यमंत... मुख्यमंत्री ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत 235 करोड़ रु की परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिला... वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारणः महाराज मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली

[t4b-ticker]

Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तराखण्डसीएम धामी ने की घोषणा, सैनिकों व वीरांगनाओं को नहीं देना पड़ेगा...

सीएम धामी ने की घोषणा, सैनिकों व वीरांगनाओं को नहीं देना पड़ेगा रोडवेज में किराया

देहरादून: शुक्रवार को विजय दिवस के मौके पर देहरादून स्थित गांधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्‍होंने उत्तराखंड रोडवेज में सभी सैनिकों व वीरांगनाओं को निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने की घोषणा भी की।

साथ ही उन्होंने कहा कि कैंट क्षेत्र में निवासरत सभी सैन्य परिवारों को हाउस टैक्स में छूट देने को लेकर उचित समाधान निकाला जाएगा।

औद्योगिक नीति में उद्योगपतियों के सुझावों को किया गया शामिल

इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में एग्रो फूड प्रोसेसिंग कान्क्लेव में देश व विदेश के उद्योगपतियों के साथ राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य में लाजिस्टिक नीति शुरू की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि औद्योगिक विकास के लिए बनाई जा रही औद्योगिक नीति में उद्योगपतियों के सुझावों को शामिल किया गया है। सरकार का प्रयास है कि राज्य में अधिक से अधिक निवेश हो और पहले से ही स्थापित उद्योगों को और बेहतर सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लघु उद्योगों के लिए अनेक संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पास प्राकृतिक सौंदर्य एवं बेहतर मानव संसाधन हैं। राज्य में हवाई, रेल एवं सड़क संपर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। राज्य में उद्योगों को रफ्तार देने के लिए समय-समय पर उद्योगपतियों से संवाद स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कान्क्लेव का एडवांटेज उत्तराखंड के लिए समर्पित किया गया है।

साथ ही कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि देश के विकास में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है। उत्तराखंड में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अधिक बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में आजीविका का सबसे बड़ा संसाधन पशुपालन, दुग्ध एवं इससे संबंधित उत्पाद हैं। दुग्ध एवं उनसे संबंधित उत्पादों के क्षेत्र में राज्य में अनेक संभावनाएं हैं।मुख्य सचिव डा एसएस संधु ने बताया कि राज्य में औद्योगिक विकास के लिए औद्योगिक संस्थानों को हर संभव सुविधा देने के प्रयास किए गए हैं। निवेशकों को यदि लाइजन अधिकारी की जरूरत होगी तो उपलब्ध कराए जाएंगे।

इस कार्यक्रम में सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, डा पंकज कुमार पांडेय व डा बीवीआरसी पुरुषोत्तम के अलावा पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने भी अपने विचार रखे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments