Latest news
नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री देहरादून की 30 होनहार बेटियों को मिला नई उड़ान का अवसर एसआईआर की शुरुआत, सोमवार से मतदाताओं को बीएलओ घर-घर बांटेंगे गणना फार्म कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान नरेंद्रनगर पालिका चुनाव का प्रचार थमा, मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा सभासद प्रत्याशियों के समर्थन में... अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को तैयारियां तेज स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति, हैंडओवर की स्थिति एवं संचालन-अनुरक्षण कार्यों की डीएम ने की समीक्... उत्तरांचल प्रेस क्लब के स्वास्थ्य शिविर में 142 पत्रकारों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण उत्तराखण्ड में बीएलओ को मिलेगा एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान

[t4b-ticker]

Monday, June 8, 2026
Homeउत्तराखण्डमुख्य सचिव ने कहा,जंगलों में न लगे आग, वन विभाग के अधिकारियों...

मुख्य सचिव ने कहा,जंगलों में न लगे आग, वन विभाग के अधिकारियों को दिये डीप रिसर्च.एक्सपैरिमेंट करने के निर्देश

देहरादून: मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.सन्धु ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ वनाग्नि की सुरक्षा को लेकर बुद्धवार को सचिवालय सभागार में समीक्षा बैठक की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को वनों में लगने वाली आग की रोकथाम के लिये तकनीकी, प्रबंधनीय और व्यावहारिक सभी पहलुओं पर बेहतर प्लान बनाते हुए कार्य करने के निर्देश दिये।

मुख्य सचिव ने वन विभाग के अधिकारियें से कहा कि प्रिवेन्शन ऑफ फायर हमारे मुख्य फोकस में होना चाहिए। इसके लिये उन्होंने अत्याधुनिक तकनीक और बहुत से इनोवेटिव तौर.तरीकों पर अधिक काम करने को कहा। कहा कि तकनीक का बेहतर उपयोग हेतु विशेषज्ञ एजेंसियों से टाइअप करें तथा अपने सभी स्टाफ को भी तकनीकी दक्ष बनायें ताकि आग लगने की स्थिति में त्वरित सूचना, सटीक डेटा सर्वे और सटीक रिस्पांस से आग से वनों को बचाया जा सके।

उन्होंने वन विभाग को एफआरआई देहरादून और आईआईटी रूड़की को साथ लेकर फायर प्रिवेटिंग, फायर फाइटिंग तथा जंगल में आग न लगे इसके लिए गहराई से डीप रिसर्च.एक्सपैरिमेंट करने के निर्देश दिये। उन्होंने जंगल में पिरूल तथा पेड़ों की अन्य पत्तियों, सूखी लकड़ियों इत्यादि बायोमास का बेहतर सदुपयोग पर अधिक से अधिक फोकस करते हुए इस संबंध में बेहतर प्लान बनाने तथा उन पर अमल करने को कहा।

मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को जंगल से गुजरने वाली ट्रांसमिशन (विद्युत) लाइनों से आग लगने को रोकने के लिये स्थायी और बेहतर प्लान बनाने के निर्देश दिये। साथ ही कहा कि परंपरा से चली आ रही अथवा किसी नई तरकीब का अंध अनुसरण ना करके प्लान को व्यावहारिक, तकनीकी बेस और कार्य में आसानी से परिणत हो जाने की दृष्टि से बनायें।

कहा कि कार्मिकों की थोड़ी बहुत कमी को कार्य प्रणाली को अधिकाधिक तकनीकी बेस्ड बनाकर दूर की जा सकती है। इसके अतिरिक्त परंपरागत और पहले से अपनायी जा रही अच्छी कार्य प्रणाली में लक्षित सुधार करते हुए उसकी गुणवत्ता बढ़ायें। उन्होंने लोगों को जंगल की आग के संबंध में संवेदनशील बनाने तथा अग्नि सुरक्षा में उनकी भी सहभागिता बढ़ाने के साथ ही एन्फोर्समेंट की कार्यवाही तेज करने की बात कही।

इस दौरान बैठक में अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक ;पीसीसीएफद्ध उत्तराखण्ड राजीव भर्तरी, पुलिस महानिरिक्षक अजय रौतेला व रिद्विम अग्रवाल, सचिव एस.ए. मुरूगेशन, पी.के. पात्रो, प्रभारी सचिव वी. षणमुगम, डी.आई.जी. के.एस. नगन्याल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments