Latest news
नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री देहरादून की 30 होनहार बेटियों को मिला नई उड़ान का अवसर एसआईआर की शुरुआत, सोमवार से मतदाताओं को बीएलओ घर-घर बांटेंगे गणना फार्म कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान नरेंद्रनगर पालिका चुनाव का प्रचार थमा, मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा सभासद प्रत्याशियों के समर्थन में... अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को तैयारियां तेज स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति, हैंडओवर की स्थिति एवं संचालन-अनुरक्षण कार्यों की डीएम ने की समीक्... उत्तरांचल प्रेस क्लब के स्वास्थ्य शिविर में 142 पत्रकारों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण उत्तराखण्ड में बीएलओ को मिलेगा एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान

[t4b-ticker]

Monday, June 8, 2026
Homeउत्तराखण्डखाद्य विभाग में तबादलों के कारण खाद्य मंत्री रेखा आर्य और सचिव...

खाद्य विभाग में तबादलों के कारण खाद्य मंत्री रेखा आर्य और सचिव आयुक्त सचिन कुर्वे के बीच विवाद

देहरादून: खाद्य विभाग में तबादलों की वजह से खाद्य मंत्री रेखा आर्य और सचिव आयुक्त सचिन कुर्वे के बीच का विवाद और गहरा गया है। मंत्री ने तबादले निरस्त करने का आदेश देते हुए सचिव कुर्वे का जवाब तलब किया था।

कुर्वे ने अपने जवाब में साफ किया कि तबादले निरस्त करने का अधिकार न तो मंत्री को है और न सचिव को। सभी तबादले, तबादला कानून के तहत किए गए हैं।

यदि इन्हें निरस्त किया गया तो विभाग में न्यायिक विवाद और अराजकता का माहौल पैदा होने की प्रबल संभावना है। सचिव के जवाब से खाद्य मंत्री का पारा चढ़ गया है। उन्होंने गोपनीय प्रविष्टि संबंधित मूल पत्रावली तलब कर ली है।

बता दें कि 22 जून को खाद्य आयुक्त के स्तर से हुए छह डीएसओ के तबादलों पर नाराजगी जताते हुए खाद्य मंत्री ने उन्हें निरस्त करने के निर्देश दे दिए थे।

मंत्री का आरोप था कि सचिव को नैनीताल के डीएसओ को जबरन छुटटी पर भेजने के फैसले को निरस्त करने के निर्देश दिए थे। लेकिन उन्होंने निर्देश का पालन नहीं किया और मनमाने तरीके से छह और डीएसओ के तबादले कर दिए। इसे लेकर मंत्री रेखा आर्य ने सचिव का जवाब तलब किया था।

जानकारी के अनुसार, सचिव ने गुरुवार शाम अपना जवाब मंत्री कार्यालय भेज दिया। पत्र में सचिव ने कहा है कि तबादले नियमानुसार ही किए गए हैं। जिस स्थायी समिति की संस्तुति पर तबादले किए गए हैं उसका गठन सात अप्रैल 2018 को किया गया था। समूह ख के अफसरों के तबादले इसी समिति की सिफारिश पर होते हैं।

सचिव के जवाब को मंत्री के आदेश की अवहेलना करार देते हुए आर्य ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने कहा, खाद्य आयुक्त ने तबादला कानून का उल्लंघन किया है। इसमें उनकी हठधर्मिता और निजी स्वार्थ भी झलक रहा है।

खाद्य सचिव सचिन कुर्वे ने इस मामले में खामोशी साधी हुई है। गुरुवार को इस मामले में उनसे बात करने की कोशिश की तो उन्होंने टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने केवल यह कहा कि तबादला नियमानुसार ही किए गए हैं। मंत्री जी को अवगत कराया जा रहा है।

धामी सरकार जनता की सरकार है। यहां किसी भी प्रकार का इंस्पेक्टर राज कायम नहीं होने दिया जाएगा। विभागीय मंत्री का दायित्व है कि यदि किसी फैसले में भ्रष्टाचार की बू आए तो ऐसे आदेशों को तत्काल निरस्त किया जाए। खाद्य आयुक्त ने न केवल अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के अधिकारों का हनन किया बल्कि विभागीय मंत्री की भी अवहेलना की है। आयुक्त के आचरण और पूरे प्रकरण से मुख्यमंत्री को भी अवगत करा दिया गया है। 

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments