Latest news
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया चकराता में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कार्यक्रम का शुभारंभ आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी-किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पह... मुख्यमंत्री धामी से मिलीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाज, मुख्यमं... जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरी होंः डीएम कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करेंः मुख्यमंत... मुख्यमंत्री ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत 235 करोड़ रु की परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिला... वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारणः महाराज मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली

[t4b-ticker]

Thursday, July 23, 2026
Homeस्वास्थ्यडॉक्टरों ने पीजी कोर्स के लिए छोड़ी नौकरी, मरीजों के इलाज के...

डॉक्टरों ने पीजी कोर्स के लिए छोड़ी नौकरी, मरीजों के इलाज के लिए बड़ी परेशानियां

देहरादून: राज्य के मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद स्वास्थ्य विभाग में नौकरी करने वाले 50 से अधिक डॉक्टरों ने पीजी कोर्स करने के लिए नौकरी छोड़ दी हे। इसके चलते सीएचसी, पीएचसी में मरीजों के इलाज का संकट खड़ा हो गया है। साथ ही उप जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में परेशानियां बढ़ गई हैं। नए डॉक्टरों की तैनाती को लेकर सीएमओ ने मुख्यालय को प्रस्ताव भेज दिया है।

सीएमओ डॉ. मनोज कुमार उप्रेती का कहना है कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए प्रस्ताव स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेजा जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग के ही आंकड़ों पर नजर डाले तो जिला अस्पताल कोरोनेशन के अलावा ऋषिकेश, विकास नगर, प्रेमनगर और मसूरी जैसे उपजिला अस्पतालों और 48 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मानकों के अनुरूप 294 डॉक्टरों की नियुक्ति का प्रावधान है।

बता दें, इन तमाम सरकारी अस्पतालों में 251 डॉक्टरों की तैनाती है। ऐसे में विभाग में 43 डॉक्टर जिनमें कई विशेषज्ञ शामिल हैं उनके पद खाली हैं। इस बीच जिले के विभिन्न अस्पतालों में तैनात 50 से अधिक डॉक्टरों का पीजी कोर्स के लिए चयन हो गया है। जिस पर इन डॉक्टरों ने नौकरी छोड़ दी है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार उप्रेती ने बताया कि फिलहाल विभाग के पास जितने डॉक्टर उपलब्ध हैं उनकी मदद से मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments