Latest news
नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री देहरादून की 30 होनहार बेटियों को मिला नई उड़ान का अवसर एसआईआर की शुरुआत, सोमवार से मतदाताओं को बीएलओ घर-घर बांटेंगे गणना फार्म कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान नरेंद्रनगर पालिका चुनाव का प्रचार थमा, मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा सभासद प्रत्याशियों के समर्थन में... अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को तैयारियां तेज स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति, हैंडओवर की स्थिति एवं संचालन-अनुरक्षण कार्यों की डीएम ने की समीक्... उत्तरांचल प्रेस क्लब के स्वास्थ्य शिविर में 142 पत्रकारों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण उत्तराखण्ड में बीएलओ को मिलेगा एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान

[t4b-ticker]

Monday, June 8, 2026
Homeउत्तराखण्डराज्यपाल ने 36 छात्रों को गोल्ड मेडल के साथ ही 32 को...

राज्यपाल ने 36 छात्रों को गोल्ड मेडल के साथ ही 32 को पीएचडी उपाधियां प्रदान की

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार को उत्तरांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। उन्होंने दीक्षांत समारोह में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 36 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल साथ ही 32 छात्र-छात्राओं को पीएचडी उपाधियां प्रदान की। इस अवसर पर राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह की स्मारिका का भी विमोचन किया। राज्यपाल ने छात्रों संबोधित करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में आपके लिए अनेक चुनौतियां और अवसर इंतजार कर रहे हैं। आप इन चुनौतियों का सामना पूरी ईमानदारी और मनोयोग से कर राष्ट्र एवं समाज के उत्थान में अपना योगदान देने के लिए अटूट समर्पण के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि यह जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय लेने का क्षण है। आप सभी के नेतृत्वकर्ता हैं। आप सभी युवा अपने हाथों से ’न्यू इंडिया’ के सपनों को आकार देंगे।
राज्यपाल ने कहा कि भारत अपने ज्ञान, समृद्धि और योग्यता के आधार पर हर क्षेत्र में विश्व गुरु के शिखर तक पहुंच सकता है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में आप सभी युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ें और अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर प्रदान करें। राज्यपाल ने कहा कि बड़े लक्ष्य निर्धारित करते हुए उसे अपने कठोर परिश्रम और लगन से पूर्ण करने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि आपकी योग्यता और आपके अनुभव का लाभ राष्ट्र व समाज को अवश्य मिले। आप सब लोग जो भारत के अमृत काल में देश सेवा के लिए जा रहे हैं, आप सभी का कर्तव्य है कि आप भारत के स्वाभिमान और अपनी विरासत पर गर्व करते हुए अपने कदम आगे बढ़ाएँ और यह लक्ष्य पूर्ण करें।
राज्यपाल ने कहा कि हर राष्ट्र की प्रगति के लिए यह आवश्यक है कि युवा अच्छी तरह से प्रशिक्षित, कुशल और प्रेरित हों। हर युवा प्रतिभाशाली और गुणवान होता है, हमें उनकी उद्यमशीलता की भावना को जागृत करने की आवश्यकता है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें अपना रास्ता खोजने के लिए निर्देशित किया जाए। इनमें राज्य के शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने इस पर प्रसन्नता व्यक्त की कि इस दिशा में उत्तरांचल विश्वविद्यालय बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा प्रयोग किये जा रहे नवाचारों और शोध कार्यों के माध्यम से उत्तराखण्ड और भारत के लिए सुखद दूरगामी परिणाम देंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को बधाई दी। कार्यक्रम में राज्यपाल ने कुलाधिपति जितेन्द्र जोशी की आत्मकथा ‘‘धैर्यपथ’’ के अंग्रेजी संस्करण का भी विमोचन किया। दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. धर्मबुद्धि ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और नवाचारों के बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर कुलाधिपति जितेन्द्र जोशी, प्रति कुलपति राजेश बहुगुणा, रजिस्ट्रार अनुज राणा, सहित विश्वविद्यालय के कार्य परिषद, शिक्षा परिषद और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments