Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeराजनीतिचुनाव में मिली करारी हार पर मायावती ने पेश की सफाई

चुनाव में मिली करारी हार पर मायावती ने पेश की सफाई

देहरादून: उत्तर प्रदेश चुनाव में निराशजनक प्रदर्शन कर महज एक सीट पर सिमटनी वाली बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने नतीजों के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। चुनाव में मिली करारी हार पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा, इस बार के चुनाव में मुस्लिमों से भारी भूल हुई है क्योंकि उन्होंने भाजपा को रोकने के लिए सपा को वोट कर दिया और इसकी सजा बसपा को मिल गई। ठीक उसी तरह विभिन्न समाज का कास्ट का वोटर इसलिए भाजपा की तरफ शिफ्ट हो गया कि कहीं सपा की सरकार ना आ जाए और फिर से जंगलराज कायम ना हो जाए। इस सभी को समझना चाहिए था कि भाजपा की सरकार आने से यूपी में केवल बसपा ही रोक सकती है।

मायावती ने आगे कहा, अपर कास्ट और ओबीसी में भी यह डर था कि सपा के सत्ता में आते ही पूरी तरह से यहां अव्यवस्था हावी हो जाएगी। जंगलराज फैल जाएगा। मुस्लिम जो बसपा पर भरोसा करते रहे हैं इस बार उनसे भूल हो गई। बसपा से भी भूल हुई। बसपा आगे अपनी रणनीति बदलेगी। बसपा को यदि मुस्लिम और दलित वोट मिल जाता तो भाजपा की हार तय थी। सपा ने बसपा के खिलाफ दुष्प्रचार किया। 

मायावती ने कहा कि, सबसे मजबूत यह बात रही कि मेरे समाज का दलित वर्ग मेरे साथ मजबूती से चट्टान की तरह खड़ा रहा जबकी दलित एक वर्ग दूसरी तरफ शिफ्ट हो गया। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि मनोबल नहीं गिरने देना है सफलता एक दिन झक मारकर हमारे कदम चूमेगी।

सन 1977 का कांग्रेस का उदाहरण देते हुए मायावती ने कहा, वह सत्ता से बाहर हो गई थी लेकिन इसके बाद काग्रेस ने दोबारा सत्ता में वापसी की इसी तरह से बसपा भी सत्ता वापसी करेगी। काडर के जरिए जनाधार को बढ़ाने का काम किया जाएगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments