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Thursday, July 23, 2026
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अब पैक्ड फूड पर लगेगा हेल्दी-अनहेल्दी का टैग, कारोबारियों पर पड़ेगा सीधा असर

देहरादून: पैक्ड फूड के लिए एफएसएसएआई ने नए नियम बनाए हैं। जिसके तहत शुगर और सॉल्ट्स यानी शकर और नमक का अधिक इस्तेमाल होने पर खाद्य पदार्थों को अनहेल्दी लेबल लगाया जाएगा। इसका स्थानीय स्तर पर मिठाई और नमकीन बनाने वालों के कारोबार पर सीधे-सीधे असर पड़ेगा।

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी एफएसएसएआई ने पैकेज्ड फूड पर हरे और नीले रंग के निशान लगवाए हैं। यह बताते हैं कि फूड वेज है या नॉनवेज। इसी तरह नए नियमों में खाद्य पदार्थों में अगर नमक और शकर का इस्तेमाल अधिक है तो इस पर अनहेल्दी का लेबल लगेगा। यदि ऐसा हुआ तो देशभर में बनने वाली देसी मिठाइयों, नमकीन के कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा। देशभर में नमकीन उद्योग का कारोबार सात सौ अरब रुपये से ज्यादा का है, जबकि मिठाई उद्योग साढ़े पांच सौ अरब रुपये का है।

यह है नियम
पैक्ड फूड 100 ग्राम या 100 मिलीमीटर मात्रा में हाईफैट्स होने पर शुगर और सॉल्ट की मात्रा के आधार पर रैंकिंग होनी है। अगर सॉल्ट और शुगर अधिक रहेगा तो पैकिंग पर अनहेल्दी का टैग लगेगा। इसी बात का डर स्थानीय मिठाई दुकानों और नमकीन वालों को है। उनका कहना है कि कोई भी पेट भरने के लिए मिठाई या नमकीन नहीं खाता। अगर हेल्दी और अनहेल्दी जैसे टैग्स लगेंगे तो यह लोगों में स्थानीय और पारंपरिक व्यंजनों के प्रति अरुचि पैदा करेगा। यह कारोबार प्रभावित करेगा।  

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