Latest news
नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले, केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयारः महाराज आयुष्मान के बेहतरी को प्रयासों में गंभीरता जरूरीः डा धन सिंह रावत गृहमंत्री के दौरे से पहले देहरादून प्रशासन अलर्ट, डीएम ने एसएसपी संग व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण सारा की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित हाई पावर कमेटी ने 187.11 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना को दी मंजूरी महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई देहरादून में नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन अंतिम चरण में, जल्द होगा जनता को समर्पित टिहरी झील बनेगी विश्व में पर्यटन-खेल का प्रमुख केंद्रः सीएम

[t4b-ticker]

Saturday, March 7, 2026
Homeउत्तराखण्डधू-धू कर जले रावण, मेघनाथ व कुंभकर्ण के पुतले

धू-धू कर जले रावण, मेघनाथ व कुंभकर्ण के पुतले

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में दशहरा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। पहाड़ से लेकर मैदान तक दशहरे की धूम रही। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, उत्तरकाशी समेत विभिन्न स्थानों पर रावण का पुतला दहन किया गया। देहरादून के परेड ग्राउंड में सबसे ऊंचे 131 फीट के रावण का पुतला दहन किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रिमोट का बटन दबाकर रावण के पुतले का दहन किया। इसमें इको फ्रेंडली पटाखों का प्रयोग किया गया था। जिससे ग्राउंड में लगी कीमती घास को भी नुकसान न हो। सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को विजयदशमी की बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयदशमी का पर्व अधर्म पर धर्म, बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है।
आज जरूरत इस बात की है कि हम अपने जीवन में अहंकार से मुक्त होकर सच्चाई के रास्ते पर चलें और प्रदेश व देश की सामाजिक समरसता के लिए मिलजुल कर कार्य करें। इस बार का रावण का पुतला बेहद खास बनाया गया था। इंदिरा नगर कॉलोनी ग्राउंड में 55 फीट ऊंचे रावण के पुतले को फूंका गया। शिवालिक इंटरनेशनल स्कूल पटेलनगर में 51 फीट ऊंचे रावण के पुतला जलाया जलाया गया। रावण की कीमत 20 से 25 लाख रुपये बताई जा रही है। यह पुतला रिमोट वाले दस गोलों से जला। इस बार रावण का वजह 50 कुंतल था। इसमें 30 कुंतल सरिया व लकड़ी लगाई गई। रावण को बनाने में पांच हजार मीटर कपड़ा लगाया गया था। ऊपर कागज की जगह सनील के कपड़े का प्रयोग किया गया।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments