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Thursday, October 22, 2026
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राज्य में 22.44 लाख से अधिक लोगों की डिजिटल हेल्थ आईडी बनकर तैयार, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की पहल पर बनी आईडी

देहरादून: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की पहल के बाद राज्य में 22.44 लाख से अधिक लोगों की डिजिटल हेल्थ आईडी बन गई है, जोकि डिजिटल हेल्थ सेक्टर में उत्तराखंड की बड़ी कामयाबी है। स्वास्थ्य मंत्री ने इसी साल अप्रैल माह में इस योजना को लेकर अधिकारीयों को निर्देशित किया थाI डिजिटल हेल्थ आईडी के जरिये कार्ड धारक की स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारियां एक जगह सुरक्षित स्टोर होंगीI

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत की पहल पर माह अप्रैल 2022 में जिला एवं ब्लॉक स्तर पर वृहद स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया गया जिनके माध्यम से डॉ. रावत ने प्रदेश के लोगों को डिजिटल हेल्थ आईडी बनने के लिये प्रेरित किया , इसके अलावा उन्होंने विभागीय अधिकारियों को विभाग की विभिन्न बैठकों में लोगों के डिजिटल हेल्थ आईडी बनाने के निर्देश भी दिये थे।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया किया जा रहा है और केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। इसी के चलते आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा प्रदेशभर में 22 लाख 44 हजार 889 लोगों के डिजिटल हेल्थ आईडी बनाई गई हैं , जोकि डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में उत्तराखंड की बड़ी कामयाबी है। बताया कि इसके तहत प्रदेशभर के लोगों के डिजिटल हेल्थ आईडी आगे भी बनाई जा रही है ताकि लोगों के स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जा सके। उन्होंने कहा कि डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड होने से किसी भी अस्पताल में मरीजों को त्वरित उपचार मिल सकेगा।

विभागीय मंत्री ने बताया कि विगत अप्रैल माह में राज्यभर में जिला व ब्लॉक स्तर पर वृहद स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया गया जिनमें लोगों को डिजिटल हेल्थ आईडी बनाने के लिये प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मेलों में लोगों ने डिजिटल हेल्थ आईडी बनाने में बढ़ चढ़ कर भाग लिया जिसका नतीजा रहा कि उत्तराखंड में लगभग 23 लाख लोगों की डिजिटल आईडी बना चुकी हैं। इसके अलावा 913 चिकित्सा सेवाओं से जुड़े डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सों ने भी अपनी डिजिटल हेल्थ आईडी बनाई है। साथ ही चिकित्सा सेवा मुहैया कराने वाले 130 अस्पतालों भी आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन में पंजीकृत हैं।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने कहा कि डिजिटल हेल्थ आईडी, हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री (एचपीआर) एवं हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर) बनाने का कार्य निरन्तर चल रहा है, इसके लिए विभागीय अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल हेल्थ आईडी बनाने के कार्य में और तेजी लाई जायेगी ताकि प्रदेश के सभी नागरिकों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड रखा जा सके।

डिजिटल हेल्थ आईडी के तहत कार्ड धारक की स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारियां एक जगह सुरक्षित स्टोर होंगी, हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्रेशन के जरिए अपने चिकित्सक को लेकर उसका अध्ययन और विषेशज्ञता के बारे में संपूर्ण जानकारी मिल सकेगी, हेल्थ फेसिलिटी रजिस्ट्रेशन से हर कोई मरीज अस्पताल में स्वास्थ्य की देखभाल करने वाले कार्मिक की विशिष्टता, विषेशज्ञता व अनुभव के बारे में जानकारी ले सकेगा।

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