Latest news
नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री देहरादून की 30 होनहार बेटियों को मिला नई उड़ान का अवसर एसआईआर की शुरुआत, सोमवार से मतदाताओं को बीएलओ घर-घर बांटेंगे गणना फार्म कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान नरेंद्रनगर पालिका चुनाव का प्रचार थमा, मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा सभासद प्रत्याशियों के समर्थन में... अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को तैयारियां तेज स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति, हैंडओवर की स्थिति एवं संचालन-अनुरक्षण कार्यों की डीएम ने की समीक्... उत्तरांचल प्रेस क्लब के स्वास्थ्य शिविर में 142 पत्रकारों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण उत्तराखण्ड में बीएलओ को मिलेगा एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान

[t4b-ticker]

Monday, June 8, 2026
Homeधर्म-संस्कृतिधार्मिक परंपरानुसार विधि विधान से खुले रूद्रनाथ मंदिर के कपाट

धार्मिक परंपरानुसार विधि विधान से खुले रूद्रनाथ मंदिर के कपाट


गोपेश्वर : चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट शनिवार को ब्रह्ममुहुर्त में धार्मिक परंपरानुसार विधि-विधान से खोल दिए गए हैं। इस दौरान मंदिर में पहुंचे करीब 500 श्रद्धालु कपाट खुलने के साक्षी बने। अब छह माह तक भगवान शिव के मुख के दर्शन श्रद्धालु कर सकेंगे। रुद्रनाथ मंदिर को गेंदे के फूलों से सजाया गया है।
समुद्र तल से 11808 मीटर की ऊंचाई पर रुद्रनाथ मंदिर स्थित है। सुबह पुजारी जनार्दन प्रसाद तिवारी की अगुवाई में श्रद्धालु नारद कुंड में स्नान कर भगवान रुद्रनाथ के जलाभिषेक के लिए जल लाए। सुबह 6.10 मिनट पर पुजारी ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ रुद्रनाथ मंदिर के कपाट खोले। कपाट खुलने के साथ भोलेनाथ के अभिषेक के बाद बुग्याली फूलों से श्रृंगार हुआ।
फिर आम श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पूजा अर्चना की। मान्यता है कि शिव के मुख के दर्शन भारत में एकमात्र चतुर्थ केदार रुद्रनाथ धाम में होते हैं। शास्त्र मान्यता है कि रुद्रनाथ में स्वर्गारोहणी यात्रा पर जा रहे पांडवों को शिव ने मुख के दर्शन दिए थे। रुद्रनाथ की यात्रा दुर्गम मानी जाती है। गोपेश्वर के मंडल-चोपता हाईवे पर तीन किमी की दूरी तय कर सगर गांव से रुद्रनाथ की 19 किमी पैदल यात्रा शुरू होती है। इस यात्रा में पनार सहित अन्य मखमली बुग्याल, बर्फ से आच्छादित पर्वत श्रृंखला देखते बनती है।
केदारनाथ वन्य जीवप्रभाग क्षेत्र में होने के चलते यहां पर दुर्लभ कस्तूरा मृत, स्नो लेपर्ड, भालू आदि वन्य जीव अपने प्राकृतिक आवास में विचरण करते हुए दिख सकते हैं। इस धार्मिक यात्रा में सगर गांव से घोडे खच्चर भी उपलब्ध हैं। इन दिनों इस यात्रा मार्ग पर पितृधार से आगे बर्फ भी जमी हुई है। हालांकि रुद्रनाथ धाम में मंदिर के आसपास बर्फ नहीं है। रुद्रनाथ भगवान गुफा में विराजमान हैं। इस गुफा को मंदिर का आकार दिया गया है। कपाट खुलने के अवसर पर स सेनि कर्नल डीएस बर्तवाल, संकल्प अभियान के अध्यक्ष मनोज बिष्ट, संरक्षक मनोज तिवारी, संदीप रावत आदि मौजूद थे। इस दौरान मंदिर के समीप श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी हुआ।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments