Latest news
नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री देहरादून की 30 होनहार बेटियों को मिला नई उड़ान का अवसर एसआईआर की शुरुआत, सोमवार से मतदाताओं को बीएलओ घर-घर बांटेंगे गणना फार्म कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान नरेंद्रनगर पालिका चुनाव का प्रचार थमा, मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा सभासद प्रत्याशियों के समर्थन में... अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को तैयारियां तेज स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति, हैंडओवर की स्थिति एवं संचालन-अनुरक्षण कार्यों की डीएम ने की समीक्... उत्तरांचल प्रेस क्लब के स्वास्थ्य शिविर में 142 पत्रकारों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण उत्तराखण्ड में बीएलओ को मिलेगा एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान

[t4b-ticker]

Monday, June 8, 2026
Homeउत्तराखण्डतीरथ सिंह रावत ने अधिकारियों को लिया निशाने पर, बताया भ्रष्टाचार का...

तीरथ सिंह रावत ने अधिकारियों को लिया निशाने पर, बताया भ्रष्टाचार का दोषी

देहरादून: प्रदेश में एक के बाद एक भ्रष्टाचार के मामले सामने आने से कई सवाल उठ रहे है I जिसको लेकर कई बड़े अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है I इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाये है I

पूर्व मुख्यमंत्री व पौड़ी सांसद तीरथ सिंह रावत ने भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा बयां देते हुए सीधे अधिकारियों को निशाने पर लिए है I पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि उन्हें यह कहने में कोई हिचक नहीं कि जब उत्तर प्रदेश में थे, तब कमीशनखोरी होती थी। जब अलग राज्य बना तब कमीशनखोरी को शून्य पर आना चाहिए था। उत्तर प्रदेश में 20 प्रतिशत तक कमीशन की बात सामने आती थी। चाहे जल संस्थान हो, जल निगम हो, सड़क का काम हो या फिर अन्य कार्य। जब अलग राज्य बना तो उत्तर प्रदेश में 20 प्रतिशत कमीशन था तो यहां अधिकारी वहीं से शुरू हो गए।

रावत ने कहा कि जो मानसिकता है, उसे ठीक करने की जरूरत है। जब तक यह भाव नहीं आएगा कि यह मेरा प्रदेश है, मेरा परिवार है, तब तक भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा। इस भ्रष्टाचार के लिए लिए अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को भी सोचना होगा। इसके लिए अधिकारी को तो दंडित किया जा रहा है, लेकिन इसके पीछे कौन है, वे हैं जनप्रतिनिधि। इसमें जनप्रतिनिधि और अधिकारी दोनों ही बराबर के दोषी हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments