Latest news
पुल के अधूरे निर्माण से बनी बाढ़ की स्थिति, गुस्साए लोगों ने एई के मुंह पर पोती मिट्टी अल्मोड़ा भाजपा ने तैयार किया सेवा और संगठन की मजबूती का रोडमैप गढ़वाल सभा का दस दिवसीय उत्तराखंड कौथिग 24 अक्टूबर से दून में होगा प्रदेश कांग्रेस प्रभारी ने लिया मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में सर्राफ मंडल की एग्जीबिशन का किया अवलोकन हरितालिका तीज उत्सव को सरकारी स्तर पर और अधिक भव्य रूप से आयोजित किया जाएगाः सीएम युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्तिः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण

[t4b-ticker]

Sunday, September 6, 2026
Homeउत्तराखण्डउत्तराखण्ड में स्किल डेवलपमेंट का हब बनने की क्षमता: धर्मेन्द्र प्रधान

उत्तराखण्ड में स्किल डेवलपमेंट का हब बनने की क्षमता: धर्मेन्द्र प्रधान

-10 सालों का रोडमैप तैयार करें सभी विभाग: सीएम धामी

देहरादून: केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग एवं कौशल विकास की समीक्षा की बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, शासन के अधिकारी एवं सबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

रविवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित बैठक में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि उत्तराखण्ड में नई शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन एवं शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों को पढ़ने-लिखने, बोलने, व्याख्या करने एवं संख्यात्मकता ज्ञान बढ़ाने के लिए, डायट को भी इस ओर ध्यान देना होगा। शिक्षकों को इसके लिए बेहतर प्रशिक्षण देना होगा। बच्चों की प्रारंभिक बाल्यवस्था देखभाल और शिक्षा का पाठ्यक्रम को रोचक बनाया जाए। टेक्नोलॉजी के माध्यम से ईसीसीई के पाठ्यक्रम को कैसे और रोचक बनाया जा सकता है, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। उत्तराखण्ड के लिए जो पाठ्यक्रम बनाया जा रहा है, इसमें एससीईआरटी के साथ ही एनसीईआरटी की मदद भी ली जा सकती है।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों को नई-नई स्किल सीखने को मिले, इसके लिए भविष्य की आवश्यकताओं को देखकर स्किल डेवलपमेंट के कोर्स कराए जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में स्किल डेवलपमेंट का हब बनने की क्षमता है। राज्य के पास प्रतिभाओं की कमी नहीं है, इन प्रतिभाओं को आगे लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य में कौशल विकास से संबंधित जो भी विभाग और संस्थान प्रशिक्षण करवा रहे हैं, उन्हें सिंगल विंडो सिस्टम पर लाए जाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड को उत्कृष्ट राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। सभी विभागों को अगले 03 साल और आने वाले 10 सालों का रोडमैप बनाने के साथ ही बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में अपनी पर्फोमेन्स देने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री द्वारा शिक्षा एवं कौशल विकास के लिए जो सुझाव दिये गये हैं, उनका सही तरीके से क्रियान्वयन किया जाए।

विद्यालयी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि एनईपी-2020 के अंतर्गत उच्च शिक्षण संस्थानों में वर्तमान शैक्षणिक सत्र से प्रवेश शुरू कर दिये गये हैं। इसके लिये नई नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार किये गये हैं। विभागीय मंत्री ने बताया कि नई नीति के क्रियान्वयन के लिये राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया साथ ही स्क्रीनिंग कमेटी और कैरिकुलम डिजाइन समिति गठित की गई। जिनकी विभिन्न स्तर पर कई दौर की बैठकों और पब्लिक डोमेन से मिले सुझावों के उपरांत बाद पाठ्यक्रम तैयार किया गया। जिसे सभी विश्वविद्यालयों की बीओएस, एकेडमिक काउंसिल और एग्जेक्युटिव कमेटी द्वारा अप्रूव्ड किया गया।

इस अवसर पर अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में राज्य में की जा रही विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत प्रजेन्टेशन दिया।

बैठक में सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली, सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, सचिव कौशल विकास विजय कुमार यादव, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी एवं शासन एवं संबधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments