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Thursday, October 22, 2026
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उत्तराखंड से मिटाए जाएँगे गुलामी के पद चिन्ह, ब्रिटिशकालीन नाम को बदलकर रखा जाएगा नया नाम

उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भी बदले जाएंगे जगहों के नाम

देहरादून: उत्तर प्रदेश की तरह अब उत्तराखंड में भी गुलामी के प्रतीक चिह्न हटाने के साथ ही विभिन्न शहरों, स्थानों, सड़कों आदि के ब्रिटिशकालीन नाम बदले जाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृह मंत्रियों की बैठक में प्रतिभाग करने से पहले मीडिया से बातचीत में इस बात का खुलासा किया है I सीएम धामी ने बताया की उन्हें इस बात की प्रेरणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिली है I

उत्तर प्रदेश में ब्रिटिशकालीन नाम बदलने की प्रक्रिया पहले से ही शुरू की जा चुकी है I अब इस ही तरह उत्तराखंड में भी ब्रिस्तिश्कालीन नामों को बदले जाने पर चर्चा गर्मा रही है I राज्य में लैंसडौन, मसूरी, देहरादून, नैनीताल, रानीखेत समेत विभिन्न शहरों व क्षेत्रों के साथ ही छावनी परिषदों के अंतर्गत सड़कों, स्थानों के नाम ब्रिटिशकालीन हैं, जिनमें अभी तक कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि इनके पुराने अथवा नए नामकरण की बात समय-समय पर उठती रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान के बाद इन जगहों के नामों में भी जल्द ही बदलाव की आशंका जताई जा रही है I

वहीं भारतीय जनता पार्टी ने लैंसडौन का नाम परिवर्तन करने के लिए सेना द्वारा उठाए गए कदम का स्वागत किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि भारतीय सेना का अपने संस्थानों के ब्रिटिशकालीन नामों को उनके असली पहचान वाले नामों में बदलने का यह कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गुलाम मानसिकता वाली सोच को परास्त करने की मुहिम की एक कड़ी है।

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