Latest news
श्रमिकों के हित सर्वोपरि, टीएचडीसी टनल हादसे की समीक्षा में आयुक्त ने दिए निर्देश मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर एसआईआर पर की समीक्षा स्वतंत्रता सेनानियों और युद्ध वीरों को किया नमन मतदाता पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ डीएम ने की अहम बैठक एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ अतिक्रमण, अवैध फैक्ट्री और आपदा कार्यों में अनियमितता पर डीएम सख्त, अधिकारियों को दिए जांच के निर्दे... जल जीवन मिशन के ठेकेदारों का ढाई वर्षों से लंबित देयकों का भुगतान शीघ्र किए जाएः अग्रवाल उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मॉडल से रूबरू हुए श्रीलंका के अधिकारी युवा आयोग की स्थापना से साकार होगी समृद्ध उत्तराखंड की संकल्पनाः भट्ट राष्ट्रीय राजमार्ग का बडा हिस्सा धंसने से ट्रक फंसा

[t4b-ticker]

Wednesday, August 19, 2026
Homeउत्तराखण्डकुंभ मेला के लिए कुंभ क्षेत्र के पौराणिक स्थलों का किया जाएगा...

कुंभ मेला के लिए कुंभ क्षेत्र के पौराणिक स्थलों का किया जाएगा सौंदर्यीकरण

हरिद्वार: कुंभ मेला के दिव्य और भव्य आयोजन की तैयारियों के अंतर्गत मेला प्रशासन द्वारा कुंभ क्षेत्र के पौराणिक और ऐतिहासिक स्थलों के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के लिए व्यापक कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका के निर्देश पर पौराणिक महत्व से जुड़े भीमगोडा कुंड के सौंदर्यीकरण की कवायद भी प्रारंभ कर दी गई है। मंगलवार को अपर मेलाधिकारी दयानन्द सरस्वती ने तकनीकी विशेषज्ञों की टीम के साथ भीमगोडा कुंड का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं और विकास कार्यों की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया। निरीक्षण के दौरान कुंड में पौराणिक स्रोत से जल आपूर्ति की व्यवस्था, कुंड में एकत्रित जल की समुचित निकासी, संरचनात्मक सुधार तथा सौंदर्यीकरण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

इस अवसर पर स्थानीय पार्षद सुमित चौधरी तथा क्षेत्र के नागरिकों से भी विचार-विमर्श कर उनके सुझाव प्राप्त किए गए, ताकि विकास कार्य स्थानीय भावनाओं और परंपराओं के अनुरूप किए जा सकें। निरीक्षण दल में कुंभ मेला तकनीकी प्रकोष्ठ के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार, सहायक अभियंता एस.के. तोमर सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

अपर मेलाधिकारी दयानन्द सरस्वती ने बताया कि भीमगोडा कुंड की पौराणिक पहचान और मूल स्वरूप को संरक्षित रखते हुए इसे अधिक आकर्षक और सुविधाजनक बनाया जाएगा। कुंड में निरंतर स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए इसके प्राचीन जल स्रोत से पानी की आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही कुंड से पानी की निकासी के लिए भी समुचित प्रबंध किए जाएंगे, जिससे जल की स्वच्छता बनाए रखी जा सके।

भीमगोडा कुंड के चारों ओर एक सुंदर पार्क विकसित किया जाएगा। पार्क क्षेत्र में बैठने के लिए पर्याप्त संख्या में बेंच स्थापित की जाएंगी। साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मजबूत रेलिंग, सुरक्षित मार्ग तथा समुचित प्रकाश व्यवस्था भी की जाएगी। कुंभ मेला के अवसर पर देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को इस पौराणिक स्थल के दर्शन कराने तथा इसकी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से मेला प्रशासन द्वारा इस कुंड के सौंदर्यीकरण कार्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेला प्रशासन का प्रयास है कि भीमगोडा कुंड को उसकी प्राचीन गरिमा के अनुरूप विकसित करते हुए इसे स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक बनाया जाए।

भीमगोडा कुंड का धार्मिक और पौराणिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है। मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों के वनवास के दौरान भीम ने अपनी गदा अथवा चरण प्रहार से इस स्थान पर जल स्रोत प्रकट किया था, जिसके कारण यह स्थल “भीमगोडा” के नाम से प्रसिद्ध हुआ। समय के साथ यह स्थान श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया और हरिद्वार आने वाले श्रद्धालु यहां दर्शन और जल स्पर्श को अत्यंत पुण्यकारी मानते हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments