Latest news
नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री देहरादून की 30 होनहार बेटियों को मिला नई उड़ान का अवसर एसआईआर की शुरुआत, सोमवार से मतदाताओं को बीएलओ घर-घर बांटेंगे गणना फार्म कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान नरेंद्रनगर पालिका चुनाव का प्रचार थमा, मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा सभासद प्रत्याशियों के समर्थन में... अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को तैयारियां तेज स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति, हैंडओवर की स्थिति एवं संचालन-अनुरक्षण कार्यों की डीएम ने की समीक्... उत्तरांचल प्रेस क्लब के स्वास्थ्य शिविर में 142 पत्रकारों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण उत्तराखण्ड में बीएलओ को मिलेगा एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान

[t4b-ticker]

Monday, June 8, 2026
Homeउत्तराखण्डजन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार‘ अभियान के तहत न्याय पंचायतों में...

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार‘ अभियान के तहत न्याय पंचायतों में लगाए जाएंगे कैम्प

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। बैठक के दौरान ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार‘ अभियान के तहत प्रदेशभर की विभिन्न न्याय पंचायतों में कैम्प लगाकर जन सामान्य को राज्य एवं केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाए जाने के सम्बन्ध में मुख्य सचिव ने दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मूल उद्देश्य राज्य के प्रत्येक नागरिक तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
मुख्य सचिव ने कहा कि 17 दिसम्बर से अगले 45 दिनों तक प्रदेश की प्रत्येक न्याय पंचायत के प्रत्येक पात्र नागरिक को 23 विभागों की विभिन्न योजनाओं से संतृप्त किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए प्रत्येक जनपद को रोस्टर तैयार कर कैम्प लगाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र नागरिक को मिले इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद अपने अंतर्गत न्याय पंचायतों की संख्या के आधार पर रोस्टर निर्धारित कर सकता है। कहा कि ज्यादा न्याय पंचायतों वाले जनपद इस अभियान को तब तक जारी रखेंगे जब तक सभी प्रदेशवासी योजनाओं के लाभ से संतृप्त नहीं हो जाते। उन्होंने कहा कि जनपद में अधिकारियों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक सप्ताह में 2 से 3 कार्य दिवसों में प्रत्येक तहसील की प्रत्येक न्याय पंचायत को संतृप्त किया जाना है।
मुख्य सचिव ने कहा कि कैम्प लगाए जाने से पहले न्याय पंचायत में इसका प्रचार प्रसार अनिवार्य रूप से कर लिया जाए ताकि कैम्प में पात्र अभ्यर्थी विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सकें, साथ ही अपने जरूरी दस्तावेज भी तैयार कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रचार प्रसार के लिए सोशल मीडिया टूल का भी इस्तेमाल किया जाए ताकि लोगों को जानकारी रहे कि किस न्याय पंचायत में कौन-कौन से दिन कैम्प लगना है। उन्होंने निर्देश दिए कि कैम्प लगने से 2-3 दिन पूर्व उस न्याय पंचायत में अनिवार्य रूप से सभी प्रकार के आवेदन पत्र और जानकारी उपलब्ध करा दी जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि अधिकारियों द्वारा कैम्प के उपरान्त न्याय पंचायत के आसपास के गांवों का भ्रमण कर राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के पात्र अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र भरवाए जाएं। प्रयास किए जाएं कि न्याय पंचायत के सभी पात्र निवासीगण सरकारी जनहित की योजनाओं से संतृप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण की विभिन्न पेंशन योजनाओं, प्रमाण पत्रों और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लाभार्थियों का पंजीकरण आदि सहित कुल 23 विभागों की विभिन्न योजनाओं का लाभ इस बहुद्देशीय कैम्प के पात्र लाभार्थियों को दिया जाना है। राज्य एवं जनपद स्तर बैंकर्स समिति को भी विभिन्न योजनाओं के तहत् ऋण लाभ के लिए इस कैम्प में शामिल किया जाए। मुख्य सचिव ने प्रभारी सचिवों द्वारा अपने अधीन जनपदों में लगने वाले बहुद्देशीय कैम्पों का औचक निरीक्षण किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कैम्प में आमजन की शिकायतों का तत्काल निस्तारण के निर्देश देते हुए लगातार इसकी मॉनिटरिंग किए जाने की भी बात कही। कहा कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित कैम्पों की प्रगति आख्या मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय एवं सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को सभी आयोजित कैम्प का डेटाबेस तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कैम्प का डॉक्यूमेंटेशन के लिए एक ऐप तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगौली, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, श्रीधर बाबू अद्धांकी, डॉ. वी. षणमुगम एवं विनोद कुमार सुमन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments