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Sunday, September 13, 2026
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फार्मर रजिस्ट्री कार्य का कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण

देहरादून। एग्रीस्टैक योजनान्तर्गत राज्य के समस्त किसानों की डिजिटल आई.डी. तैयार किये जाने हेतु फार्मर रजिस्ट्री का कार्य संपन्न कराने के लिए राजस्व एवं कृषि विभाग के गढवाल मंडल के अधिकारियों व कर्मचारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। सचिव, कृषि/राजस्व एस.एन.पाण्डेय की अध्यक्षता एवं आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद रंजना राजगुरु की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में केन्द्र सरकार के प्रतिनिधि चिन्मय मेहता तथा हर्षद पटेल, सलाहकार, भारत सरकार द्वारा एग्रीस्टैक के अन्तर्गत प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में भारत सरकार के प्रतिनिधियों द्वारा अवगत कराया गया कि देश के समस्त किसानों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने एवं उनकी पहचान को डिजिटल रूप देने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने फार्मर रजिस्ट्री की शुरूआत की है। फार्मर रजिस्ट्री एक ऐसा डाटाबेस है, जिसमें किसान पंजीकरण कराकर अपनी डिजिटल पहचान प्राप्त कर सकते हैं। सफल पंजीकरण के बाद किसानों को एक यूनिक डिजिटल पहचान मिलेगी, जिसे फार्मर आई.डी. या किसान आई.डी. कहा जायेगा। यह 11 अंकों की आई.डी. ई-केवाईसी और फील्ड वेरिफिकेशन के पूरा होने के बाद जनरेट होगी।
उत्तराखंड राज्य में जनपद देहरादून की तहसील कालसी के दो राजस्व ग्राम क्यारी व लाटौ तथा तहसील त्यूनी के दो राजस्व ग्राम हनोल व कांडा में माह अगस्त 2025 में फार्मर रजिस्ट्री की पी.ओ.सी. (प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट) सफलतापूर्वक भारत सरकार की टीम के सहयोग से प्रारंभ की जा चुकी है। जिनमें प्रायोगिक रूप से 128 काश्तकारों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जा चुकी है। प्रशिक्षण में बताया गया कि फार्मर रजिस्ट्री का कार्य कृषि एवं राजस्व विभाग के कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा, जिसमें कृषि विभाग के कार्मिक रजिस्ट्रेशन अधिकारी एवं राजस्व विभाग के कार्मिक/अधिकारी वेरीफायर एवं एप्रूवर अधिकारी के रूप में कार्य करेगें।
इस अवसर पर जानकारी दी गई कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का पारदर्शी रूप में समयानुसार कृषकों को लाभ पहुँचाने में सुविधा होगी। प्रथम चरण में पी.एम. किसान योजना के लाभार्थियों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जाएगी, ताकि योजना की आगामी किश्त के भुगतान पर किसी भी प्रकार का विपरित प्रभाव ना पड़े। फार्म रजिस्ट्री के माध्यम से कृषकों की सही जानकारी प्राप्त होने के फलस्वरूप सरकार द्वारा विभिन्न सरकारी नीतियों का नियोजन व निर्धारण करने में सहायता मिलेगी। कृषकों को आपदा राहत, कृषि सब्सिडी, फसल ऋण एवं विभिन्न बीमा योजनाओं का लाभ प्रदान करने के साथ हीकृषि योजनाओं एवं किसान कल्याण कार्यक्रमों का विभिन्न स्तरों से अनुश्रवण करने में भी फार्मर रजिस्ट्री से सहायता मिलेगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में गढ़वाल मण्डल के जनपदों के अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, मुख्य कृषि अधिकारी सहित लगभग 200 प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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