Latest news
श्रमिकों के हित सर्वोपरि, टीएचडीसी टनल हादसे की समीक्षा में आयुक्त ने दिए निर्देश मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर एसआईआर पर की समीक्षा स्वतंत्रता सेनानियों और युद्ध वीरों को किया नमन मतदाता पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ डीएम ने की अहम बैठक एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ अतिक्रमण, अवैध फैक्ट्री और आपदा कार्यों में अनियमितता पर डीएम सख्त, अधिकारियों को दिए जांच के निर्दे... जल जीवन मिशन के ठेकेदारों का ढाई वर्षों से लंबित देयकों का भुगतान शीघ्र किए जाएः अग्रवाल उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मॉडल से रूबरू हुए श्रीलंका के अधिकारी युवा आयोग की स्थापना से साकार होगी समृद्ध उत्तराखंड की संकल्पनाः भट्ट राष्ट्रीय राजमार्ग का बडा हिस्सा धंसने से ट्रक फंसा

[t4b-ticker]

Tuesday, August 18, 2026
Homeउत्तराखण्डमतदाता पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ डीएम ने की अहम...

मतदाता पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ डीएम ने की अहम बैठक

देहरादून। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति साझा की गई तथा राजनीतिक दलों को प्रारूप-9, 10, 11ए और 11बी की सूचियां भी सौंपी गईं। जिलाधिकारी ने बताया कि 13 अगस्त तक जिले में मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए 39,025 नागरिकों ने प्रारूप-6 में आवेदन किया है। वहीं, मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए प्रारूप-7 में 10,235 दावेध्आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जबकि मतदाता सूची में विवरण संशोधन के लिए 10,718 नागरिकों ने प्रारूप-8 में आवेदन प्रस्तुत किए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारूप-7 के तहत प्राप्त सभी आपत्तियों पर संबंधित बीएलओ द्वारा संबंधित व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नोटिस तामील कराया जाएगा। नोटिस प्राप्त होने के सात दिन बाद ही सुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा। जिलेभर में बूथवार आयोजित होने वाले इन शिविरों में जिस मतदाता के विरुद्ध आपत्ति दर्ज की गई है और आपत्तिकर्ता, दोनों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, आपत्तिकर्ता द्वारा ठोस आधार अथवा प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में किसी भी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआईआर कार्यक्रम अब अपने अंतिम एवं अत्यंत महत्वपूर्ण चरण में है, ऐसे में सभी राजनीतिक दलों की सक्रिय एवं रचनात्मक भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि जिन नागरिकों को नोटिस तामील किए जाएंगे, उन्हें अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के माध्यम से संबंधित बूथ तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि सभी दावे एवं आपत्तियों का निष्पक्ष, प्रभावी एवं पारदर्शी ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रारूप-7 में मिथ्या घोषणा प्रस्तुत करने वालों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. चैहान ने बताया कि 14 जुलाई को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार जिले में अब तक 11,90,805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। वर्ष 2003 एवं 2026 की मतदाता सूचियों के मिलान के दौरान विवरण में विसंगति, अपूर्ण जानकारी अथवा डेटा का सही मिलान न होने के कारण 5.47 लाख मतदाताओं को व्यक्तिगत नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें 3,95,772 मतदाताओं के विवरण में विसंगति तथा 1,52,170 मतदाताओं की मैपिंग नहीं होने के कारण नोटिस जारी किए गए हैं।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारीध्मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद देवली सहित कांग्रेस के डॉ. जसविंदर सिंह, प्रशांत खंडूड़ी एवं सुनील जायसवाल, आम आदमी पार्टी के कमल राणा सहित वर्चुअल माध्यम से विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments