Latest news
डीएम ने अरविंद गैस एजेंसी रेसकोर्स से 13890 गैस कनेक्शन जीवन ज्योति एजेंसी कैनाल रोड में करवाए शिफ्ट शिक्षा विभाग में पदोन्नत हुये चार अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी रिश्वत प्रकरण में डोईवाला के प्रभारी बीईओ निलंबित मुख्य सचिव ने 25 बिंदु कार्यक्रम के वर्ष 2026-27 के लिए शीघ्र लक्ष्य निर्धारित किए जाने के निर्देश द... हेमवती नंदन बहुगुणा सदैव किसानों और गरीबों के हितों के लिए समर्पित रहेः सीएम राम नगरी में बनेगा धामी सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट राज्य अतिथि गृह मुख्यमंत्री धामी बोले, हिमालयी राज्य आपसी सहयोग और अनुभवों से करें नीति निर्माण उत्तराखंड में डिजिटल जनगणना के प्रथम चरण का फील्ड कार्य 25 अप्रैल से सीएम धामी ने महिला जन आक्रोश रैली में प्रतिभाग किया महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट

[t4b-ticker]

Saturday, April 25, 2026
Homeउत्तराखण्डचौखुटिया सिमलखेत में आतंक का पर्याय बना गुलदार पिंजरे में हुआ कैद

चौखुटिया सिमलखेत में आतंक का पर्याय बना गुलदार पिंजरे में हुआ कैद

अल्मोड़ा। जनपद के विकासखंड चौखुटिया अंतर्गत सिमलखेत ग्राम सभा के तोक पुराना लोहबा में लंबे समय से दहशत का कारण बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया। सोमवार तड़के पिंजरे में तेंदुए के फंसने की घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। यह तेंदुआ पिछले काफी समय से इलाके में सक्रिय था और कई बार गौशालाओं पर हमला कर गौवंश समेत अन्य पालतू जानवरों को अपना शिकार बना चुका था।
सिमलखेत और आसपास के गांवों में तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल था। खासकर रात के समय लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे थे। ग्रामीणों को आशंका थी कि यदि समय रहते तेंदुए को नहीं पकड़ा गया तो वह किसी व्यक्ति पर भी हमला कर सकता है। इसी को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग से लगातार तेंदुए को पकड़ने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों की मांग और क्षेत्र में लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने पुराना लोहबा तोक में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था।
सोमवार की सुबह तड़के तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। उसकी दहाड़ सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में लिया। वन क्षेत्र अधिकारी गोपाल दत्त जोशी ने बताया कि यह तेंदुआ सिमलखेत क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय था और कई बार गौशालाएं तोड़कर गौवंश को नुकसान पहुंचा चुका था। लगातार हो रही घटनाओं के बाद पिंजरा लगाया गया, जो सफल रहा।
पकड़े गए तेंदुए को रेस्क्यू कर द्वाराहाट रेंज कार्यालय भेजा गया है, जहां से उसे आगे अल्मोड़ा स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा। वन विभाग के अनुसार, क्षेत्र में अन्य तेंदुओं की मौजूदगी की भी जानकारी ग्रामीणों द्वारा दी गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। द्वाराहाट रेंज क्षेत्र में कुल तीन स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं, जिनमें दो तेंदुओं और एक भालू के लिए हैं। इसके साथ ही जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही है, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments